वृद्धजनों को बताए कानूनी अधिकार, संपत्ति और भरण-पोषण से जुड़े मामलों में विधिक सहायता की दी जानकारी

पाली : अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पाली की ओर से वृद्धजनों के अधिकारों एवं उनके संरक्षण को लेकर विशेष विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। सेवा समिति द्वारा संचालित वृद्धाश्रम, पाली में आयोजित कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश श्री विक्रम सिंह भाटी ने वृद्धजनों से संवाद कर उन्हें उनके कानूनी अधिकारों और उपलब्ध विधिक सेवाओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ उन्हें यह जानकारी देना रहा कि किसी प्रकार की कानूनी, संपत्ति, भरण-पोषण अथवा सामाजिक सुरक्षा संबंधी समस्या सामने आने पर वे कहां और किस प्रकार सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
सचिव विक्रम सिंह भाटी ने अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वरिष्ठ नागरिक परिवार और समाज की महत्वपूर्ण धरोहर हैं। उनके सम्मान, सुरक्षा और गरिमापूर्ण जीवन को सुनिश्चित करना सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने वृद्धजनों को माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007 के प्रावधानों की जानकारी दी। इसके साथ ही वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों, उनके लिए उपलब्ध कानूनी सेवाओं और समस्याओं के समाधान के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की भूमिका के बारे में भी बताया।

कार्यक्रम में वृद्धजनों को नालसा पोर्टल, नालसा हेल्पलाइन, वृद्धावस्था पेंशन, निःशुल्क विधिक सहायता और पीड़ित प्रतिकर स्कीम सहित विभिन्न सुविधाओं की जानकारी दी गई।
वृद्धजनों को बताया गया कि यदि उन्हें संपत्ति से जुड़े विवाद, भरण-पोषण, घरेलू समस्या, सामाजिक सुरक्षा या अन्य किसी कानूनी मामले का सामना करना पड़ता है तो वे विधिक सहायता प्राप्त कर सकते हैं। पात्र व्यक्तियों को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था के बारे में भी जानकारी दी गई।
सचिव भाटी ने राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से जारी ‘नालसा वरिष्ठ नागरिकों के लिए विधिक सेवा योजना, 2016’ के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और किसी भी विधिक समस्या की स्थिति में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पाली से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि कानूनी अधिकारों की जानकारी होने से वरिष्ठ नागरिक अपनी समस्याओं का उचित तरीके से समाधान प्राप्त करने की दिशा में कदम उठा सकते हैं।

विधिक जागरूकता कार्यक्रम के बाद सचिव विक्रम सिंह भाटी ने वृद्धाश्रम का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने वृद्धजनों के लिए उपलब्ध भोजन एवं पेयजल, चिकित्सा, सुरक्षा, साफ-सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान वृद्धाश्रम में वरिष्ठ नागरिकों के रहने की व्यवस्था, उनके लिए उपलब्ध सुविधाओं और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति के बारे में भी जानकारी प्राप्त की गई।
वृद्धाश्रम सेवा समिति, पाली में वरिष्ठ नागरिकों के रहने के लिए पृथक-पृथक कक्ष एवं बेड की व्यवस्था उपलब्ध है। इसके साथ ही वृद्धजनों के लिए फिजियोथेरेपी की सुविधा भी दी जा रही है। जरूरत के अनुसार मरीजों की विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा जांच की जाती है।
वृद्धाश्रम में आयुर्वेदिक उपचार की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है तथा वृद्धजनों की नियमित स्वास्थ्य जांच करवाने की व्यवस्था है। इसके अलावा उन्हें संतुलित भोजन एवं दैनिक जीवन के लिए आवश्यक अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
कार्यक्रम के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों को उनके अधिकारों, कानूनी संरक्षण और उपलब्ध सरकारी एवं विधिक सेवाओं की जानकारी देने के साथ यह संदेश दिया गया कि किसी भी प्रकार की कानूनी समस्या होने पर वे उचित माध्यम से सहायता प्राप्त कर सकते हैं।




