पाली में पैकेजिंग और माप उपकरणों पर प्रशासन की सख्ती, औचक जांच में अनियमितता मिलने पर 6 हजार का जुर्माना

पाली : उपभोक्ताओं को सही मात्रा में सामान और पैकेज पर पूरी एवं सही जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले में विधिक माप विज्ञान विभाग की ओर से विशेष औचक निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। उपभोक्ता मामले विभाग मंत्री सुमित गोदारा के निर्देशानुसार पाली जिले में 5 से 7 अक्टूबर तक पैकेज कमोडिटी से संबंधित प्रतिष्ठानों की जांच की जा रही है।
अभियान के तहत विभाग की टीमों द्वारा व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर पैकेजिंग नियमों की पालना के साथ-साथ कांटा-बांट और अन्य माप उपकरणों की जांच की जा रही है। मंगलवार को भी पाली शहर में कई प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण कर आवश्यक दस्तावेज और माप उपकरणों का परीक्षण किया गया।
विधिक माप विज्ञान अधिकारी विष्णुदत्त ने बताया कि मंगलवार को पाली में ओसवाल फूड्स, चामुंडा इंडस्ट्रीज एवं नूतन टी सहित विभिन्न प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने यह जांच की कि प्रतिष्ठानों में पैक किए जा रहे उत्पादों पर निर्धारित नियमों के अनुसार आवश्यक जानकारियां अंकित हैं या नहीं। इसके साथ ही पैकेज में अंकित नेट मात्रा की भी जांच की गई।
निरीक्षण अभियान के दौरान पैकेज कमोडिटी नियम, 2011 के प्रावधानों के अनुसार पैकेजों की जांच की गई। अधिकारियों ने पैकेज पर अंकित नेट मात्रा, आवश्यक घोषणाओं और अन्य वैधानिक जानकारियों का परीक्षण किया।
विभाग की टीम ने यह भी देखा कि उपभोक्ताओं को उत्पाद खरीदते समय आवश्यक जानकारी स्पष्ट रूप से उपलब्ध हो रही है या नहीं। इसके अलावा प्रतिष्ठानों में उपयोग किए जा रहे कांटा-बांट और अन्य माप उपकरणों की तकनीकी जांच की गई।
औचक निरीक्षण के दौरान विधिक माप विज्ञान अधिनियम, 2009 एवं संबंधित नियमों के तहत जांच की गई। इस दौरान कुछ प्रतिष्ठानों में पैकेजिंग से संबंधित आवश्यक दस्तावेजों तथा कांटा-बांट के सत्यापन से जुड़ी अनियमितताएं सामने आईं।
अनियमितताएं पाए जाने पर विभाग की ओर से संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई। जांच के दौरान कुल 6 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में आने वाले दिनों में भी विभिन्न फर्मों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों का नियमित एवं औचक निरीक्षण जारी रहेगा। निरीक्षण के दौरान यदि विधिक माप विज्ञान संबंधी प्रावधानों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विभाग का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि व्यापारिक प्रतिष्ठानों में नियमों की प्रभावी पालना सुनिश्चित करना भी है, ताकि उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा हो सके।
अभियान का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को वस्तुओं की सही मात्रा, सही माप और आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना है। पैकेज्ड वस्तुओं की खरीद के दौरान उपभोक्ता को उत्पाद की मात्रा और अन्य आवश्यक घोषणाओं की जानकारी स्पष्ट रूप से मिलना जरूरी है।
विधिक माप विज्ञान विभाग की ओर से इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल होने वाले माप उपकरणों की प्रमाणिकता और सत्यापन की भी जांच की जा रही है।
विभाग ने जिले के सभी व्यापारियों एवं प्रतिष्ठान संचालकों से अपील की है कि वे केवल सत्यापित एवं प्रमाणित कांटा-बांट और माप उपकरणों का ही उपयोग करें। साथ ही पैकेजिंग से जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेजों को व्यवस्थित रखें और पैकेज पर निर्धारित वैधानिक घोषणाओं की पूरी पालना सुनिश्चित करें।
विभाग ने व्यापारियों को स्पष्ट किया कि माप-तौल और पैकेजिंग से जुड़े नियमों की अनदेखी उपभोक्ताओं के हितों को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में सभी प्रतिष्ठान संचालक निर्धारित प्रावधानों का पालन करें, ताकि अनियमितता पाए जाने पर होने वाली कार्रवाई से बचा जा सके।



