पाली में महिला चैंपियंस ने बालिकाओं को दिखाए आत्मनिर्भरता के रास्ते, शिक्षा से लेकर स्वरोजगार तक पर हुआ संवाद

पाली : महिला अधिकारिता विभाग पाली के तत्वावधान में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर शुक्रवार को ‘नारी चौपाल-सशक्त बालिका, सुरक्षित समाज’ अभियान के तहत ‘महिला चैंपियंस के साथ संवाद’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। एएनएम ट्रेनिंग सेंटर के मुख्य सभागार में हुए इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय महिलाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बालिकाओं को शिक्षा, खेल, स्वरोजगार और कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का आयोजन महिला अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक भागीरथ के निर्देशानुसार किया गया। कार्यक्रम का परिचय केंद्र प्रबंधक प्रियंका व्यास ने दिया। इस दौरान महिला सशक्तीकरण, रोजगार के अवसर, उद्यमिता, उच्च शिक्षा और आत्मरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में जिले की महिलाओं और एएनएम ट्रेनिंग सेंटर की छात्राओं सहित लगभग 100 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

महिला चैंपियंस के साथ संवाद के दौरान वक्ता नूतन वाला कपिल ने बालिकाओं को शिक्षा के क्षेत्र में अपना करियर बनाने तथा खेलकूद सहित विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बालिकाओं को अपने लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर प्रयास करने और उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने का संदेश दिया।
पूनम तिवारी ने महिला सशक्तीकरण पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं को प्रत्येक क्षेत्र में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने महिलाओं और बालिकाओं को अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखते हुए आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
भारतीय खिलाड़ी वेदांतिका ने खेल के क्षेत्र में करियर बनाने की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद दृढ़ संकल्प, मेहनत और निरंतर प्रयास से लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने बालिकाओं को खेलों में रुचि विकसित करने और अपनी प्रतिभा को अवसर देने के लिए प्रेरित किया।
हिना राजपुरोहित ने सिलाई सहित अन्य व्यावहारिक कौशलों के माध्यम से करियर निर्माण की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि हुनर सीखकर महिलाएं अपने लिए रोजगार के अवसर तैयार कर सकती हैं।
सरला माहेश्वरी ने स्वरोजगार के माध्यम से उत्पाद तैयार करने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रयास करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने महिलाओं को सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी रखने तथा उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
विमल मंत्री ने महिलाओं के स्वरोजगार, सरकारी योजनाओं और बैंक ऋण से संबंधित जानकारी साझा की। वहीं सुमन सेन ने निःशुल्क सिलाई एवं ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण के बारे में विस्तार से बताया। वक्ताओं ने कौशल विकास को महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए बालिकाओं को अपनी रुचि के अनुसार प्रशिक्षण प्राप्त करने की प्रेरणा दी।

कार्यक्रम में दिव्या निर्भया करणी सेना ने आत्मरक्षा के महत्व पर अपने विचार रखे। उन्होंने महिलाओं और बालिकाओं के लिए आत्मरक्षा के प्रति जागरूकता को आवश्यक बताया। विमला पुष्पा परिहार सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने अनुभव साझा किए और महिलाओं को चुनौतियों का सामना करते हुए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं को केवल जागरूक करना ही नहीं, बल्कि उन्हें शिक्षा, रोजगार, उद्यमिता और कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से अपने पैरों पर खड़ा होने के लिए प्रोत्साहित करना भी रहा।
संवाद सत्र कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा। एएनएम ट्रेनिंग सेंटर की छात्राओं और जिले की महिलाओं ने महिला चैंपियंस से कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे। इनमें आत्मनिर्भर बनने के लिए किए गए संघर्ष, सफलता की शुरुआत, लक्ष्य निर्धारण और उच्च शिक्षा के महत्व जैसे विषय शामिल रहे।
प्रतिभागियों ने यह भी जानना चाहा कि सामाजिक, आर्थिक और भौगोलिक बाधाओं के बावजूद महिलाएं किस तरह अपने लक्ष्य तक पहुंच सकती हैं। इसके साथ ही समाज की अन्य महिलाओं को आगे बढ़ाने में सफल महिलाओं की भूमिका पर भी चर्चा हुई।
महिला चैंपियंस ने अपने अनुभव साझा करते हुए छात्राओं और महिलाओं का मार्गदर्शन किया। उन्होंने अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने, उपलब्ध संसाधनों का सदुपयोग करने और कठिन परिस्थितियों में भी प्रयास जारी रखने की प्रेरणा दी।

महिला अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक भागीरथ ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देना, उद्यमिता के लिए प्रेरित करना, रोजगार के अवसरों की जानकारी देना और महिलाओं एवं बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मार्गदर्शन करना है।
कार्यक्रम का मंच संचालन मंगीलाल तंवर ने किया। इस अवसर पर एएनएम ट्रेनिंग सेंटर के प्राचार्य पारसमल कुमावत, राजश्री वैष्णव, बाल अधिकारिता विभाग से रेणुका, योगेन्द्र सहित लगभग 100 महिलाएं एवं बालिकाएं उपस्थित रहीं। संवाद सत्र में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए उपयोगी जानकारी प्राप्त की।



