पाली में धर्मकांटों की जांच में मिली अनियमितता, एक कांटे पर 7 हजार रुपए का जुर्माना

पाली : जिले में माप-तौल व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और निर्धारित नियमों की पालना सुनिश्चित करने के लिए विधिक माप विज्ञान विभाग की ओर से धर्मकांटों का निरीक्षण किया गया। उपभोक्ता मामले विभाग के निर्देशानुसार की गई इस कार्रवाई के दौरान तीन धर्मकांटों की जांच की गई। निरीक्षण में एक धर्मकांटा असत्यापित पाया गया, जिस पर विभाग ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए 7 हजार रुपए का जुर्माना लगाया।
विभाग की ओर से किए गए निरीक्षण के दौरान महादेव धर्मकांटा, जोजावर धर्मकांटा और रौनक धर्मकांटा की जांच की गई। इस दौरान धर्मकांटों की माप-तौल व्यवस्था और नियमों के अनुरूप सत्यापन की स्थिति की पड़ताल की गई। जांच में एक धर्मकांटा असत्यापित पाए जाने पर संबंधित प्रकरण में नियमानुसार जुर्माना लगाया गया।
विधिक माप विज्ञान अधिकारी विष्णुदत्त ने बताया कि माप-तौल में पारदर्शिता बनाए रखना और निर्धारित नियमों की पालना सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से धर्मकांटों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है, ताकि माप-तौल की प्रक्रिया में नियमों का पालन हो और उपभोक्ताओं के हित सुरक्षित रहें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि माप-तौल संबंधी नियमों की अवहेलना पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग की ओर से निरीक्षण की प्रक्रिया आगे भी जारी रखी जाएगी।
धर्मकांटों का उपयोग विभिन्न वस्तुओं के वजन की माप के लिए किया जाता है। ऐसे में इनका निर्धारित मानकों के अनुसार सत्यापित होना महत्वपूर्ण है। विभागीय निरीक्षण का उद्देश्य माप-तौल व्यवस्था में विश्वसनीयता बनाए रखना और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि धर्मकांटों सहित माप-तौल से जुड़े उपकरणों के संबंध में नियमों की पालना आवश्यक है। निरीक्षण के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।



