पाली जेल में न्यायाधीशों का औचक निरीक्षण, 107 बंदियों से किया संवाद, भोजन, इलाज और कानूनी सहायता की ली जानकारी

पाली : राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला एवं सेशन न्यायाधीश राजेन्द्र कुमार तथा प्राधिकरण के सचिव एवं अपर जिला न्यायाधीश विक्रम सिंह भाटी ने गुरुवार को जिला कारागृह, पाली का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जेल में कुल 107 बंदी निरुद्ध पाए गए। न्यायाधीशों ने बंदियों से सीधे संवाद कर भोजन, चिकित्सा सुविधाओं, पेयजल, साफ-सफाई और अन्य बुनियादी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। साथ ही बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों और निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में भी जागरूक किया।
निरीक्षण के दौरान जिला एवं सेशन न्यायाधीश राजेन्द्र कुमार ने बंदियों से बातचीत कर जेल में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता, चिकित्सा सुविधाओं, पेयजल की उपलब्धता और साफ-सफाई सहित अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में बंदियों से फीडबैक लिया। निरीक्षण का उद्देश्य कारागृह में बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की स्थिति जानना तथा उनके अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना रहा।

जिला एवं सेशन न्यायाधीश ने बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि किसी भी बंदी को निजी अधिवक्ता नियुक्त करने में आर्थिक असमर्थता या विधिक सहायता के अभाव के कारण बिना अधिवक्ता के नहीं रहना चाहिए।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि जरूरतमंद बंदियों को नियमानुसार निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे अपने प्रकरणों में उचित कानूनी पैरवी प्राप्त कर सकें।
निरीक्षण के दौरान उन बंदियों के संबंध में भी जानकारी ली गई, जिन्हें जमानत स्वीकृत होने के बावजूद अभी तक अभिरक्षा में रहना पड़ रहा है। न्यायाधीशों ने बंदियों को उनके प्रकरणों की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया और कानूनी प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी प्राप्त की।
इसके अलावा नवागंतुक बंदियों से भी संवाद किया गया। उनसे घटना और कथित अपराध के समय उनकी आयु के संबंध में जानकारी ली गई, ताकि संबंधित मामलों में आवश्यक कानूनी पहलुओं पर ध्यान दिया जा सके।
जिला एवं सेशन न्यायाधीश राजेन्द्र कुमार ने बंदियों को अपराध का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने नशे से दूर रहने और जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का संदेश दिया। उन्होंने बंदियों को अपने भविष्य के प्रति सजग रहने तथा समाज में सम्मानजनक जीवन जीने की दिशा में प्रयास करने के लिए प्रोत्साहित किया।

निरीक्षण के दौरान कारागृह में बंदियों को उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं के बारे में भी जानकारी दी गई। बताया गया कि सभी बंदियों की ओपीडी के समय स्वास्थ्य जांच की जाती है। किसी बंदी की तबीयत बिगड़ने या आपात स्थिति उत्पन्न होने पर उसे राजकीय बांगड़ अस्पताल, पाली रेफर किया जाता है।
इस दौरान उप कारापाल नरेश कुमार शुक्ला, जेल डिस्पेंसरी के चिकित्सक डॉ. एम.एल. सालोदिया, चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल मान सिंह आशिया तथा सहायक लीगल एड डिफेंस काउंसिल जीगर पुरोहित सहित अन्य संबंधित लोग उपस्थित रहे।
जिला कारागृह के इस आकस्मिक निरीक्षण के माध्यम से बंदियों की बुनियादी सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं और कानूनी अधिकारों से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी ली गई।



