पाली : 10 साल से जमीन के म्यूटेशन के लिए भटक रहा किसान, कोर्ट आदेश के बावजूद नहीं मिली राहत

पाली : पाली जिले के रोहट क्षेत्र से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक किसान पिछले 10 वर्षों से अपनी 15 बीघा जमीन के म्यूटेशन (खातेदारी) के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। प्रशासनिक दफ्तरों से लेकर अदालत तक गुहार लगाने के बावजूद उसे अब तक न्याय नहीं मिल पाया है।
पीड़ित किशन लाल सेन ने बताया कि वह वर्षों से कभी तहसील कार्यालय तो कभी जिला मुख्यालय के चक्कर काट रहा है। इस दौरान उसने कई मंत्रियों, कलेक्टरों और अधिकारियों के सामने अपनी पीड़ा रखी, लेकिन हर बार उसे सिर्फ आश्वासन ही मिला।
न्याय की आस में पीड़ित ने अदालत का दरवाजा भी खटखटाया, जहां से उसके पक्ष में आदेश जारी हुए। कोर्ट ने तहसील प्रशासन को जमीन का म्यूटेशन करने के निर्देश दिए, लेकिन आरोप है कि रोहट तहसीलदार और पटवारी ने इन आदेशों की भी अनदेखी कर दी।
बुधवार को एक बार फिर पीड़ित जिला मुख्यालय पहुंचा और जनसुनवाई में अपनी फरियाद रखी। उसने बताया कि इससे पहले भी कई बार जनसुनवाई में शिकायत कर चुका है और पूर्व कलेक्टरों व मंत्रियों को ज्ञापन सौंप चुका है।
पीड़ित ने कहा कि तीन महीने पहले भी उसने कलेक्टर और प्रभारी मंत्री को ज्ञापन दिया था, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। “मैं चक्कर काटते-काटते थक चुका हूं, आखिर कब मुझे न्याय मिलेगा,”—कहते हुए उसने अपनी पीड़ा व्यक्त की।
यह मामला प्रशासनिक लापरवाही और न्यायिक आदेशों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या ठोस कदम उठाता है और पीड़ित को कब तक न्याय मिल पाता है।



