पाली : अस्पतालों में फायर अलर्ट, सरकारी-निजी हॉस्पिटल में मॉक ड्रिल, आग लगने की स्थिति से निपटने का कराया अभ्यास

पाली : भीषण गर्मी के बीच अस्पतालों में आगजनी की संभावनाओं को देखते हुए पाली जिले में स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर नजर आया। सरकार के निर्देश पर गुरुवार को जिले के सरकारी और निजी अस्पतालों में व्यापक स्तर पर फायर सेफ्टी मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस दौरान अस्पताल स्टाफ को आग लगने की स्थिति में मरीजों को सुरक्षित निकालने और त्वरित राहत कार्य का प्रशिक्षण दिया गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विकास मारवाल ने बताया कि मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य आगजनी की घटनाओं की रोकथाम, आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया और मरीजों की सुरक्षित निकासी व्यवस्था को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में शॉर्ट सर्किट और एसी ब्लास्ट जैसी घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है, इसलिए सभी अस्पतालों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और निजी अस्पतालों में आयोजित मॉक ड्रिल के दौरान सायरन बजाकर रेस्क्यू ऑपरेशन का प्रदर्शन किया गया। अस्पतालों में मौजूद अग्निशमन उपकरणों की जांच की गई और उनकी कार्यक्षमता परखी गई। साथ ही वार्ड बॉय, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारियों को आपात स्थिति में प्रभावी ढंग से कार्य करने का प्रशिक्षण दिया गया।
एडिशनल सीएमएचओ डॉ. जीत कुमार गुर्जर ने बताया कि जिले में 4 से 10 मई तक “फायर सेफ्टी वीक” मनाया जा रहा है। इस वर्ष इसकी थीम “सुरक्षित विद्यालय एवं सुरक्षित अस्पताल” रखी गई है। अभियान के तहत अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा के साथ जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि अस्पतालों में फायर सेफ्टी मानकों की अनदेखी पाए जाने पर संबंधित संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सीएमएचओ डॉ. मारवाल ने कहा कि मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है।



