पाली : दिवंगत सम्पतराज मेहता के नेत्रदान से दो नेत्रहीनों को मिलेगी नई रोशनी

पाली : शहर के देरासर गली निवासी दिवंगत सम्पतराज मेहता (मेड़तिया) के असामयिक निधन के बाद उनके परिवार ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए नेत्रदान का निर्णय लिया। इस सराहनीय पहल से दो दृष्टिबाधित व्यक्तियों को नई रोशनी मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
निधन की सूचना मिलते ही सामाजिक कार्यकर्ता कल्पेश सेमलानी ने आई बैंक सोसायटी ऑफ राजस्थान, पाली चैप्टर के अध्यक्ष केवलचंद कवाड़ से संपर्क किया। इसके बाद संस्था के सचिव भंवरलाल सेमलानी ने दिवंगत की पत्नी शशिदेवी, पुत्र सुमित-खुशबु मेहता, भाई कुशलचंद एवं भंवरलाल, पुत्री श्वेता-सचिन तलेसरा और दीपिका-अनिल से नेत्रदान के लिए निवेदन किया, जिस पर परिजनों ने सहमति प्रदान की।
स्वीकृति मिलते ही डॉक्टर आर.के. गर्ग, महेन्द्र मेहता, हेमंत चैपड़ा, गौतम चैपड़ा, रोशन नाहर तथा आई टेक्नीशियन रईस खान की टीम ने सफलतापूर्वक नेत्र प्राप्त किए। इसके बाद राजस्थान रोडवेज के सहयोग से नेत्रों को जयपुर भेजा गया, जहां कॉर्निया प्रत्यारोपण के माध्यम से दो नेत्रहीनों को दृष्टि प्रदान की जाएगी।
यह प्रेरणादायक कदम न केवल समाज में नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाता है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि मृत्यु के बाद भी जीवनदान संभव है।



