धरती आबा अभियान के तहत जनजातीय गांवों में शिविरों की धूम, प्रशासन ने योजनाओं की ‘पूर्ण संतृप्ति’ पर दिया जोर

पाली : जनजातीय क्षेत्रों के अंतिम छोर तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे “धरती आबा जनजातीय एवं ग्राम उत्कर्ष अभियान” के तहत रानी उपखंड क्षेत्र में “जनभागीदारी सबसे दूर सबसे पहले” अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में पंचायत समिति बाली के ग्राम जुनी बेडल (बेड़ा) में आयोजित शिविर का निरीक्षण जिला परिषद पाली के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं नोडल प्रभारी विशाल सीपा ने किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने जिला कलक्टर पाली के निर्देशानुसार सभी विभागों के ब्लॉक एवं ग्राम स्तरीय अधिकारियों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि हर पात्र परिवार तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है और किसी भी जरूरतमंद को योजनाओं से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।

शिविर में पंचायती राज, पशुपालन, चिकित्सा, विद्युत, राजस्व, महिला एवं बाल विकास सहित विभिन्न विभागों ने मौके पर ही योजनाओं की जानकारी देकर लाभ वितरित किए। स्वामित्व योजना के तहत कार्ड वितरित किए गए, वहीं मंगला पशु बीमा योजना के लिए पात्र पशुपालकों का चयन किया गया। चिकित्सा विभाग ने टीकाकरण एवं आयुष्मान भारत कार्ड सेवाएं उपलब्ध करवाईं।
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा एसएएम और एमएएम श्रेणी के बच्चों को पोषण अभियान के तहत लाभान्वित किया गया। शिविर में ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करते हुए अधिक से अधिक लोगों को लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया।
नोडल प्रभारी विशाल सीपा ने शिविरों के व्यापक प्रचार-प्रसार और समापन के बाद निर्धारित प्रारूप में रिपोर्ट जिला स्तर पर भेजने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि यह अभियान जनजातीय क्षेत्रों के विकास और सरकारी योजनाओं की पहुंच बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

अभियान के तहत 25 मई तक रानी उपखंड क्षेत्र के विभिन्न ग्राम पंचायतों में शिविरों का आयोजन किया जाएगा। 21 मई को भादरलाऊ, इंदरवाड़ा, खिंवाड़ा और गजनीपुरा, 22 मई को सिवास, सालरिया, किशनपुरा और नीपल तथा 25 मई को बिजोवा, इटंदरा चारणान और रानीकलां में भारत निर्माण सेवा केंद्रों पर शिविर लगाए जाएंगे।
इन शिविरों में आधार कार्ड, आयुष्मान भारत कार्ड, स्वास्थ्य जांच, टीबी स्क्रीनिंग, जनधन योजना, जाति एवं आय प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, वन धन विकास केंद्र, कौशल विकास, स्वरोजगार एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से लोगों को जोड़ा जाएगा। साथ ही आदिवासी समुदाय के उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री के लिए भी विशेष व्यवस्था की जाएगी।



