जवाई को विश्वस्तरीय पर्यटन हब बनाने की तैयारी, 421 प्रतिभागियों को मिला ईको-टूरिज्म और लेपर्ड सफारी का प्रशिक्षण

पाली : जवाई क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। पंचायत समिति सभागार भवन, बाली में आयोजित दो दिवसीय “जवाई ईको-टूरिज्म आमुखीकरण एवं प्रशिक्षण कार्यशाला” का मंगलवार को समापन हुआ। कार्यशाला में पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण, रोजगार एवं पर्यटक व्यवहार जैसे विषयों पर व्यापक प्रशिक्षण दिया गया।
अतिरिक्त जिला कलेक्टर बाली शैलेन्द्रसिंह चारण की अध्यक्षता में आयोजित समापन समारोह में प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए जवाई को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने का आह्वान किया गया। उन्होंने कहा कि जवाई क्षेत्र केवल लेपर्ड सफारी तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि यहां प्रकृति, संस्कृति और ग्रामीण पर्यटन को भी बढ़ावा देकर स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार किए जा सकते हैं।

कार्यशाला में सफारी वाहन चालकों, जिप्सी संचालकों, नेचर गाइड्स और हॉस्पिटेलिटी क्षेत्र से जुड़े लोगों को सड़क सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, पर्यटकों के साथ व्यवहार, विदेशी पर्यटकों से संवाद और भाषा कौशल का प्रशिक्षण दिया गया। अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने सभी प्रतिभागियों को सड़क सुरक्षा की शपथ भी दिलाई और यातायात नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए।
परिवहन विभाग के मोटर वाहन निरीक्षक राजेन्द्र मारू ने मोटर व्हीकल एक्ट, रोड सेफ्टी और वाइल्डलाइफ नियमों की जानकारी दी। वहीं चिकित्सा विभाग की ओर से नर्सिंग ऑफिसर भवरदास ने आपातकालीन परिस्थितियों में प्राथमिक उपचार का लाइव डेमो प्रस्तुत किया।
प्रशिक्षक अजयपालसिंह धामली और राजेन्द्रसिंह सेणा ने सॉफ्ट स्किल्स, पर्यटक प्रबंधन और स्थानीय पर्यटन के विविधिकरण पर मार्गदर्शन दिया। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को यह भी समझाया गया कि पर्यावरण संरक्षण के बिना पर्यटन का स्थायी विकास संभव नहीं है।

कार्यशाला के दूसरे दिन 198 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जबकि दोनों दिनों में कुल 421 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षित किया गया। समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
अतिरिक्त जिला कलेक्टर शैलेन्द्रसिंह चारण ने सफारी संचालन के दौरान पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाते हुए निर्देश दिए कि वन्यजीवों को किसी भी प्रकार से परेशान न किया जाए, बैटरियों का उपयोग जंगल क्षेत्र में न किया जाए और कचरा केवल निर्धारित स्थानों पर ही डाला जाए।
कार्यक्रम में उपखंड अधिकारी बाली दिनेश विश्नोई, तहसीलदार जितेन्द्रसिंह राठौड़, विकास अधिकारी भोपालसिंह जोधा, बीसीएमओ हितेन्द्र वागोरिया, सहायक उप वन संरक्षक ऋषिराजसिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।



