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11,500 फीट की ऊंचाई पर राजस्थान के रोवर-रेंजरों का साहसिक अभियान, मनाली में ले रहे एडवेंचर और सर्वाइवल ट्रेनिंग

पाली : राजस्थान राज्य भारत स्काउट एवं गाइड के तत्वावधान में हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत सोलांग वैली में आयोजित राज्य स्तरीय रोवर-रेंजर साहसिक शिविर में राजस्थान भर से पहुंचे युवा साहस, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का अनूठा प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। 1 से 5 जून 2026 तक चलने वाले इस विशेष शिविर में प्रदेश के विभिन्न जिलों से 145 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं।

शिविर संचालक एवं राज्य संगठन आयुक्त (स्काउट) पूरण सिंह शेखावत ने बताया कि शिविर में 48 रोवर, 54 रेंजर, 23 स्काउट यूनिट लीडर तथा 11 गाइड यूनिट लीडर सहभागिता कर रहे हैं। प्रतिभागियों को कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में कार्य करने, नेतृत्व विकसित करने और आपदा जैसी परिस्थितियों में स्वयं को सक्षम बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

सीओ स्काउट गोविन्द मीणा ने बताया कि रोवर-रेंजरों के लिए 8,500 फीट की ऊंचाई पर बेस कैंप स्थापित किया गया है। यहां 3 से 10 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच प्रतिभागी प्रकृति अध्ययन के साथ-साथ रॉक क्लाइम्बिंग, जिप लाइन, ट्रैकिंग, नाइट हाइक, रिवर राफ्टिंग और रैपलिंग जैसी रोमांचक गतिविधियों में हिस्सा ले रहे हैं।

उन्होंने बताया कि शिविर का मुख्य उद्देश्य युवाओं को विपरीत परिस्थितियों में कार्य करने और देश सेवा के लिए मानसिक एवं शारीरिक रूप से तैयार करना है। प्रतिभागियों को हाई एल्टीट्यूड क्षेत्रों में स्वास्थ्य बनाए रखने और कठिन परिस्थितियों में जीवन कौशल विकसित करने का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

शिविर के प्रथम दिन रोवर-रेंजरों ने सोलांग वैली स्थित बेस कैंप से अंजनी महादेव तक लगभग 4 किलोमीटर की कठिन ट्रैकिंग पूरी कर 11,500 फीट की ऊंचाई हासिल की। इस दौरान उन्हें रॉक क्राफ्ट, हिमनदों (ग्लेशियर) की संरचना तथा पर्वतीय क्षेत्रों की विशेषताओं के बारे में व्यावहारिक जानकारी भी दी गई।

सीओ गाइड डिंपल दवे ने बताया कि राज्य स्तरीय साहसिक शिविर के लिए पाली जिले से राजकीय बांगड़ महाविद्यालय के तीन रोवरों का चयन हुआ है। महाविद्यालय के रोवर लीडर जसवंत सिंह के अनुसार विवेक राज, जितेंद्र टाक और पिंटू कुमावत शिविर में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं और विभिन्न साहसिक गतिविधियों का अनुभव प्राप्त कर रहे हैं।

शिविर के दौरान प्रतिभागियों को मणिकर्ण, कसोल, रोहतांग पास, अटल टनल, शिशु विलेज, मनाली और सोलांग वैली का भ्रमण भी कराया जाएगा। इस भ्रमण का उद्देश्य युवाओं को हिमाचल प्रदेश की संस्कृति, खानपान, प्राकृतिक धरोहरों और स्थानीय जीवनशैली से परिचित कराना है।

राजस्थान के युवा रोवर-रेंजरों के लिए यह शिविर केवल साहसिक गतिविधियों का मंच नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, नेतृत्व, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हो रहा है।

Rajasthan Today

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