पाली के बाजारों में अतिक्रमण पर सख्ती, लाल निशान के बाहर रखा सामान होगा जब्त, लगेगा जुर्माना

पाली : शहर के प्रमुख बाजारों में बढ़ते अतिक्रमण और यातायात अव्यवस्था को लेकर नगर निगम ने अब सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। व्यापार मंडलों के सहयोग से निगम ने बाजारों में अतिक्रमण की सीमा तय करने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है, जिसके तहत दुकानों के बाहर लाल निशान लगाकर स्पष्ट कर दिया जाएगा कि इसके आगे सामान रखने की अनुमति नहीं होगी।
नगर निगम आयुक्त नवीन भारद्वाज ने बताया कि 20 मई को आयोजित व्यापार मंडलों की बैठक में बाजारों में फैल रहे अतिक्रमण को लेकर गंभीर चर्चा हुई थी। बैठक में स्वयं व्यापारियों ने सड़कों और सार्वजनिक मार्गों पर सामान रखे जाने से उत्पन्न समस्याओं पर चिंता जताते हुए समाधान के लिए सुझाव दिए थे।

व्यापारियों से प्राप्त सुझावों के आधार पर सोमवार को नगर निगम की डीओसी टीम और व्यापार मंडलों के प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से विभिन्न बाजार क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन स्थानों का चिन्हांकन किया गया जहां तक व्यापारी अपना सामान रख सकेंगे।
निगम द्वारा चिन्हित सीमा पर लाल निशान लगाए जा रहे हैं, ताकि दुकानदारों और आमजन दोनों को स्पष्ट जानकारी रहे कि सार्वजनिक मार्ग की सीमा कहां तक है। निगम अधिकारियों ने व्यापारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपना सामान केवल निर्धारित क्षेत्र के भीतर ही रखें।
अभियान के पहले चरण में सूरजपोल से धौला चौतरा तक के क्षेत्र में चिन्हांकन कार्य किया गया। यह क्षेत्र शहर के सबसे व्यस्त व्यावसायिक इलाकों में शामिल है, जहां अक्सर अतिक्रमण के कारण पैदल यात्रियों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। नगर निगम का मानना है कि इस व्यवस्था के लागू होने से बाजारों में आवागमन सुगम होगा और सड़कें अधिक व्यवस्थित दिखाई देंगी।

आयुक्त नवीन भारद्वाज ने कहा कि फिलहाल निगम व्यापारियों को जागरूक कर स्वैच्छिक रूप से नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित कर रहा है। लेकिन यदि समझाइश के बाद भी कोई व्यापारी निर्धारित सीमा से बाहर सामान रखता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस प्रशासन के सहयोग से अतिक्रमणकारी सामान जब्त किया जाएगा और नियमानुसार जुर्माना भी लगाया जाएगा।
नगर निगम का यह अभियान शहर के प्रमुख बाजारों को अतिक्रमण मुक्त और व्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। व्यापार मंडलों की भागीदारी के कारण इस पहल को सकारात्मक समर्थन मिलने की उम्मीद है।



