विश्व पर्यावरण दिवस पर पाली में जागा प्रकृति संरक्षण का जज्बा, 400 विद्यार्थियों ने चित्रों में उकेरा हरित भविष्य

पाली : विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर पाली में पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता को लेकर उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला। राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल एवं वन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में सैकड़ों छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और नागरिकों ने भाग लेकर प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया।
इस वर्ष की थीम “प्रकृति से प्रेरित – जलवायु के लिए, हमारे भविष्य के लिए” के तहत वंदे मातरम् छात्रावास में राजस्थान राज्य भारत स्काउट एवं गाइड के छात्र-छात्राओं के लिए विशाल चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में करीब 400 विद्यार्थियों ने भाग लेते हुए अपनी कल्पनाओं और रंगों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन और हरित भविष्य का संदेश दिया।

प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों, शिक्षकों एवं छात्रावास कर्मचारियों को प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कपड़े के बैग वितरित किए गए। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार के साथ पौधे भेंट कर सम्मानित किया गया।
विश्व पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर लाखोटिया उद्यान में “रन फॉर एनवायरमेंट” कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं और पर्यावरण प्रेमियों ने भाग लिया। दौड़ प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनके योगदान को सराहा गया।

कार्यक्रम के दौरान कनिष्ठ पर्यावरण अभियंता इशरत जहान ने विद्यार्थियों को पर्यावरण दिवस की थीम की जानकारी देते हुए जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों और प्रकृति संरक्षण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने सभी को पर्यावरण संरक्षण, जल संसाधनों के संवर्धन और सतत विकास के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के समापन पर छात्रावास परिसर में पौधारोपण किया गया तथा अधिकाधिक वृक्ष लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लिया गया। इस अवसर पर वन विभाग के सहायक वन संरक्षक मदनसिंह बोड़ा, क्षेत्रीय वन अधिकारी प्रकाश पटेल, साहिल पोसवाल, आशिक खान, ईश्वर, वनरक्षक महेन्द्र सिंह सहित अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित इन कार्यक्रमों ने न केवल युवाओं में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाई, बल्कि समाज को भी हरित और स्वच्छ भविष्य के निर्माण का संदेश दिया।




