‘हर हाथ को रोजगार’ अभियान के तहत मनरेगा श्रमिकों तक पहुंचा राजीव गांधी पंचायतीराज संगठन, अधिकारों को लेकर किया जागरूक

पाली : ग्रामीण श्रमिकों के अधिकारों और रोजगार संबंधी मुद्दों को लेकर राजीव गांधी पंचायतीराज संगठन ने जिले में विशेष जनजागरण अभियान शुरू किया है। प्रदेश अध्यक्ष सी.बी. यादव के निर्देशानुसार 10 जून से 30 जून 2026 तक चलाए जा रहे ‘‘मनरेगा हर हाथ को रोजगार’’ अभियान के तहत शनिवार को संगठन के पदाधिकारियों ने मनरेगा कार्यस्थलों का दौरा कर श्रमिकों से संवाद स्थापित किया और उनकी समस्याएं सुनीं।
अभियान के तहत पंचायतीराज संगठन के प्रदेश महासचिव भगवानसिंह चुंडावत एवं पाली जिलाध्यक्ष मदनसिंह जागरवाल ने खुटानी-मंडिया मार्ग नाडा तथा लाम्बड़ा तालाब स्थित मनरेगा कार्यस्थलों पर पहुंचकर श्रमिकों से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने श्रमिकों को मनरेगा योजना में प्रस्तावित बदलावों तथा रोजगार संबंधी विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी।
जिलाध्यक्ष मदनसिंह जागरवाल ने कहा कि मनरेगा योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने की महत्वपूर्ण व्यवस्था रही है, लेकिन वर्तमान समय में श्रमिकों को पर्याप्त रोजगार नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने राज्य सरकार से मनरेगा के तहत रोजगार के दिनों को बढ़ाकर 200 दिन करने की दिशा में ठोस पहल करने की मांग की।

कार्यक्रम के दौरान श्रमिकों को कार्यस्थलों पर उपलब्ध कराई जाने वाली मूलभूत सुविधाओं जैसे पेयजल, छाया, विश्राम स्थल, प्राथमिक उपचार और दवाइयों की व्यवस्था के बारे में भी जानकारी दी गई। साथ ही ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली में आने वाली तकनीकी समस्याओं, विशेषकर फोटो सत्यापन में नाम दर्ज नहीं होने से अनुपस्थिति लगने जैसी शिकायतों पर भी चर्चा की गई।
संगठन पदाधिकारियों ने श्रमिकों को समय पर मजदूरी भुगतान, रोजगार की उपलब्धता और अन्य अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि श्रमिकों के अधिकारों की अनदेखी होती है तो लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने के लिए संगठित रहना जरूरी है।

इस अवसर पर ओमप्रकाश खुटानी, रामादास वैष्णव, नारायण मेघवाल सहित संगठन के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने मनरेगा श्रमिकों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने और उनके हितों की रक्षा के लिए निरंतर प्रयास करने का भरोसा दिलाया।
जिले में चल रहा यह अभियान आगामी 30 जून तक विभिन्न पंचायतों और मनरेगा कार्यस्थलों पर जारी रहेगा, जहां श्रमिकों से संवाद कर उनकी समस्याओं और सुझावों को संकलित किया जाएगा।



