TET अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षकों का पाली में शक्ति प्रदर्शन, सैकड़ों शिक्षकों ने निकाली आक्रोश रैली

पाली। शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता के विरोध में गुरुवार को पाली जिला मुख्यालय पर शिक्षकों का बड़ा शक्ति प्रदर्शन देखने को मिला। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (विद्यालय शिक्षा) राजस्थान के आह्वान पर जिले के सभी आठ उपखंडों से पहुंचे सैकड़ों शिक्षकों और महिला शिक्षकों ने विशाल आक्रोश रैली निकालकर सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की। शिक्षकों ने जिला कलक्टर के माध्यम से प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से स्थायी रूप से मुक्त करने की मांग उठाई।
जिलाध्यक्ष डॉ. विक्रम सिंह जैतावत के नेतृत्व में शिक्षक राजकीय बांगड़ विद्यालय परिसर में एकत्रित हुए, जहां से रैली के रूप में जिला कलक्टर कार्यालय पहुंचे। इस दौरान शिक्षकों ने सेवा सुरक्षा, वरिष्ठता और पदोन्नति से जुड़े अधिकारों की रक्षा की मांग करते हुए सरकार से जल्द निर्णय लेने का आग्रह किया।
महासंघ के जिला मंत्री ओमप्रकाश कुमावत ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के हालिया निर्णय के बाद प्रदेशभर के हजारों शिक्षकों में असमंजस और चिंता का माहौल है। उन्होंने कहा कि जिन शिक्षकों की नियुक्ति तत्कालीन नियमों और पात्रताओं के आधार पर हुई थी, उन पर बाद में लागू किए गए प्रावधानों को पूर्व प्रभाव से लागू करना न्यायसंगत नहीं है।

रैली के दौरान शिक्षकों ने वर्ष 2008 की सीधी भर्ती प्रबोधकों तथा वर्ष 2007-08 में नियुक्त तृतीय श्रेणी अध्यापकों और प्रबोधकों की लंबित वेतन विसंगतियों का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया। महासंघ ने आरोप लगाया कि वित्त विभाग और शिक्षा विभाग द्वारा जारी कई आदेशों के बावजूद अनेक पात्र शिक्षकों को आज तक लाभ नहीं मिल पाया है।
संगठन ने पाली संभाग में लंबित वेतन विसंगति मामलों की समीक्षा कर समयबद्ध निस्तारण की मांग करते हुए कहा कि वर्षों से लंबित मामलों के कारण हजारों शिक्षक आर्थिक नुकसान झेल रहे हैं।

सभा को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष डॉ. विक्रम सिंह जैतावत ने कहा कि शिक्षक समाज अपने सम्मान, सेवा सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से संघर्ष करता रहेगा। उन्होंने कहा कि जब तक शिक्षकों की जायज मांगों का समाधान नहीं होता, तब तक महासंघ का आंदोलन जारी रहेगा।
कार्यक्रम में जिले की सभी खंड इकाइयों के पदाधिकारी, महिला शिक्षक, संगठन कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे। शिक्षकों की एकजुटता और भारी उपस्थिति ने आंदोलन को जिले के सबसे बड़े शिक्षक प्रदर्शनों में शामिल कर दिया।



