पाली में नहीं थम रहा डॉग बाइट का आतंक, दो दिन में 17 लोग बने शिकार, शहरवासियों ने निगम से की कार्रवाई की मांग

पाली शहर में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। डॉग बाइट की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। मंगलवार को 12 लोगों को काटने के बाद बुधवार को भी पांच नए मामले सामने आने से शहरवासियों में भय का माहौल है। महज दो दिनों में 17 लोग आवारा कुत्तों का शिकार हो चुके हैं, जिससे नगर निगम की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
बुधवार को पाली के बांगड़ अस्पताल में रेबीज के टीके लगवाने पहुंचे लोगों ने बताया कि वे अपने रोजमर्रा के कामों के लिए घर से निकले थे, लेकिन अचानक आवारा कुत्तों ने उन पर हमला कर दिया। पुराना हाउसिंग बोर्ड निवासी 40 वर्षीय दीपा पत्नी अशोक कुमार ई-मित्र पर काम से जा रही थीं, तभी पीछे से आए एक कुत्ते ने उनके पैर पर काट लिया। इसी तरह प्रवीणा और हिमेश भी डॉग बाइट का शिकार हुए।

वहीं धनला गांव निवासी 21 वर्षीय मोनिका पुत्री महेंद्र सिंह दूध लेने दुकान जा रही थी, तभी रास्ते में एक आवारा कुत्ते ने उस पर हमला कर दिया। मंडिया गांव निवासी 10 वर्षीय निकिता पुत्री दलाराम अपने घर से बाड़े की ओर जा रही थी, तभी एक कुत्ते ने उसे काट लिया। सभी घायलों को परिजन इलाज के लिए बांगड़ अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उन्हें एंटी रेबीज वैक्सीन लगाई गई।
गौरतलब है कि मंगलवार को भी शहर के विभिन्न क्षेत्रों में 12 लोग कुत्तों के हमले का शिकार हुए थे। लगातार बढ़ रही घटनाओं से शहरवासियों में दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि आवारा कुत्तों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, लेकिन नगर निगम की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही।
स्थानीय लोगों ने नगर निगम प्रशासन से जल्द से जल्द विशेष अभियान चलाकर आवारा कुत्तों को पकड़ने और शहर को डॉग बाइट की घटनाओं से राहत दिलाने की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।



