
पाली : वरिष्ठ नागरिकों में आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक विरासत के प्रति जुड़ाव को मजबूत करने के उद्देश्य से जिला वरिष्ठ नागरिक समिति, पाली की ओर से मंगलवार को एक दिवसीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक तीर्थ भ्रमण का आयोजन किया गया। जिला अध्यक्ष डॉ. रामलाल मोहबारशा के सानिध्य में वरिष्ठ नागरिक बस द्वारा विभिन्न धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए रवाना हुए। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं का कई स्थानों पर भव्य स्वागत किया गया और संत-महात्माओं का आशीर्वाद प्राप्त किया गया।
समिति के महामंत्री नरपत सिंह कुंपावत ने बताया कि यात्रा का पहला पड़ाव बुसी रहा, जहां वरिष्ठ नागरिक समिति के अध्यक्ष शांतिलाल मेहता ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। यहां श्रद्धालुओं ने हनुमानजी के दर्शन किए तथा त्यागीजी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान त्यागीजी महाराज ने सभी वरिष्ठजनों को आगामी गुरु पूर्णिमा महोत्सव में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया।
इसके बाद यात्रा नाडोल पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने पूज्य रूप मुनि जी के अस्थि कलश के दर्शन कर श्रद्धांजलि अर्पित की। रूप मुनि सार्वजनिक धर्मशाला में जलपान के दौरान नाडोल वरिष्ठ नागरिक समिति के अध्यक्ष सवालदास वैष्णव एवं महामंत्री किरीट भाई शाह ने सभी का स्वागत किया।

यात्रा के अगले चरण में सभी श्रद्धालु आशापुरा माता मंदिर, नाडोल पहुंचे। रास्ते में ग्राम पंचायत नाडोल की ओर से सरपंच प्रतिनिधि गुलाब सिंह राजपुरोहित एवं उनके सहयोगियों ने यात्रियों का स्वागत किया। मंदिर परिसर में आशापुरा ट्रस्ट की ओर से भी पदाधिकारियों का सम्मान किया गया। सभी श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
इसके बाद यात्रा सोनाणा खेतलाजी पहुंची, जहां वरिष्ठ नागरिक समिति नारलाई के अध्यक्ष चंदन सिंह राव ने सभी का आत्मीय स्वागत किया। श्रद्धालुओं ने खेतलाजी महाराज एवं ब्राह्मणी माता के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। यहां सामूहिक भोजन (लंच) का भी आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान अजीत सिंह राव ने अपने विशेष घोड़ों का प्रदर्शन कर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया, जिसकी सभी ने सराहना की।

धार्मिक यात्रा के दौरान वरिष्ठ नागरिकों ने ढालोप में स्थित उस ऐतिहासिक स्थल का भी भ्रमण किया, जहां रघुनाथ पीर द्वारा तत्कालीन शासन के स्वागत से जुड़ी ऐतिहासिक जानकारी हिम्मताराम फुलवारी ने विस्तार से साझा की। इसके पश्चात श्रद्धालुओं ने अणसी बाई की जीवित समाधि के दर्शन किए तथा यात्रा के समापन पर पाली स्थित चाणक्य आश्रम के द्वादश शिवलिंग के दर्शन कर यात्रा का समापन किया।
इस आध्यात्मिक यात्रा में बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिकों ने भाग लिया। अंत में समिति के महामंत्री नरपत सिंह कुंपावत ने सभी प्रतिभागियों, स्वागतकर्ताओं और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक भ्रमण वरिष्ठ नागरिकों के जीवन में नई ऊर्जा, सामाजिक अपनापन और आध्यात्मिक शांति का संचार करते हैं।




