जातीय सर्वे में रावणा राजपूत समाज की संख्या कम दर्शाने का आरोप, सुमेरपुर में सौंपा ज्ञापन

सुमेरपुर/पाली : राजस्थान में कराए गए जातीय सर्वेक्षण में रावणा राजपूत समाज की जनसंख्या वास्तविकता से कम दर्शाए जाने का आरोप लगाते हुए समाज की ओर से शुक्रवार को सुमेरपुर में विरोध दर्ज कराया गया। रावणा राजपूत सेवा संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रम सिंह भाटी, प्रदेश अध्यक्ष रणजीत सिंह सोडाला एवं जिला अध्यक्ष प्रमेंद्र सिंह परिहार के निर्देशानुसार समाजबंधुओं ने मुख्यमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर सर्वेक्षण के आंकड़ों की निष्पक्ष जांच कराने तथा वास्तविक संख्याबल सार्वजनिक करने की मांग की।
ज्ञापन नगर अध्यक्ष मांगू सिंह भाटी के नेतृत्व में महिला शक्ति की अगुवाई में सौंपा गया। इस दौरान बड़ी संख्या में समाज के लोग एकत्रित हुए और जातीय सर्वेक्षण में सामने आए आंकड़ों को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की।
समाज की ओर से दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि पूरे राजस्थान में किए गए जातीय सर्वेक्षण में रावणा राजपूत समाज की संख्या कम दर्शाई गई है। समाजबंधुओं का आरोप है कि सर्वेक्षण में सामने आए आंकड़े समाज की वास्तविक जनसंख्या का सही प्रतिनिधित्व नहीं करते। ऐसे में सर्वेक्षण की प्रक्रिया और आंकड़ों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
समाज प्रतिनिधियों ने कहा कि किसी भी जातीय सर्वेक्षण का उद्देश्य विभिन्न समाजों की वास्तविक सामाजिक स्थिति और जनसंख्या का तथ्यात्मक आंकलन करना होना चाहिए। यदि किसी समाज की संख्या वास्तविकता से कम दर्ज होती है तो इससे उसके सामाजिक एवं राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर भी प्रभाव पड़ सकता है।

समाज ने सरकार से मांग की कि जातीय सर्वेक्षण के आंकड़ों की निष्पक्ष जांच करवाई जाए। साथ ही सर्वेक्षण में अपनाई गई प्रक्रिया, प्राप्त आंकड़ों और अंतिम रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए, ताकि समाज के सामने वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
समाजबंधुओं ने कहा कि रावणा राजपूत समाज की वास्तविक संख्या को सामने लाना समाज का अधिकार है। आंकड़ों में यदि किसी प्रकार की त्रुटि या विसंगति सामने आती है तो उसे तत्काल दुरुस्त किया जाना चाहिए।
ज्ञापन के माध्यम से समाज ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस मामले में शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया और वास्तविक आंकड़ों को सार्वजनिक नहीं किया गया तो समाज आगामी दिनों में आंदोलन की रणनीति तय करेगा। आवश्यकता पड़ने पर राजनीतिक बहिष्कार जैसे निर्णय पर भी विचार किया जा सकता है।
समाज प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि सरकार की ओर से उचित कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में सुमेरपुर तहसील का रावणा राजपूत समाज भी प्रदेश स्तर पर लिए जाने वाले निर्णयों का समर्थन करेगा।
ज्ञापन कार्यक्रम में समाज की महिला शक्ति ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। महिलाओं ने सर्वेक्षण में समाज की संख्या को सही तरीके से दर्ज किए जाने और सरकार द्वारा मामले की गंभीरता से जांच किए जाने की मांग की। महिला प्रतिनिधियों ने कहा कि समाज की वास्तविक जनसंख्या सामने आना सामाजिक न्याय और समान प्रतिनिधित्व के लिए आवश्यक है।
इस अवसर पर तेजपाल सिंह पोमावा, जोरावर सिंह अणगोर, महेंद्र सिंह रामनगर, उम्मेद सिंह, राजमाता मनोहर सिंह राठौड़, भरत सिंह सेणा, एडवोकेट जोरावर सिंह चौहान, हीर सिंह राठौड़, करण सिंह राठौड़, अजयपाल सिंह देवल, भवानी सिंह मांगलिया, वने सिंह, मांगू सिंह चौहान, सुरेंद्र सिंह भारुन्दा, महेंद्र सिंह भारुन्दा सहित बड़ी संख्या में समाजबंधु मौजूद रहे।
महिला शक्ति की ओर से मेना कुंवर, मंजू कुंवर भाटी, लीला कुंवर सहित अन्य महिलाओं ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। ज्ञापन सौंपने के दौरान समाज ने सरकार से जल्द से जल्द मामले का समाधान करने की मांग की।



