रोहट में बालिकाओं को दिया माहवारी स्वच्छता का संदेश, 90 छात्राओं ने लिया जागरूकता कार्यक्रम में भाग

पाली : बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत बालिकाओं एवं किशोरियों को स्वास्थ्य, स्वच्छता और महिला अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, रोहट में माहवारी स्वच्छता प्रबंधन पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में करीब 90 बालिकाओं ने भाग लिया और माहवारी से जुड़े स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधी महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी प्राप्त की।
निदेशालय महिला अधिकारिता एवं पाली उपनिदेशक भागीरथ के निर्देशानुसार 12 से 17 अगस्त तक आयोजित किए जा रहे विशेष जागरूकता कार्यक्रमों की इसी कड़ी में पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान केंद्र की ओर से कार्यक्रम आयोजित हुआ। केंद्र प्रबंधक प्रियंका व्यास ने कार्यक्रम की रूपरेखा एवं उद्देश्य की जानकारी दी।
सामाजिक परामर्शदाता उर्मिला ने पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान केंद्र की कार्यप्रणाली और महिला अधिकारिता विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बालिकाओं को लाडो प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना, कालीबाई भील उड़ान योजना सहित पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान केंद्र, सखी वन स्टॉप सेंटर एवं महिला सलाह एवं सुरक्षा केंद्र की सेवाओं के बारे में बताया।

प्रचेता प्रभा सोलंकी ने माहवारी स्वच्छता प्रबंधन पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि माहवारी एक प्राकृतिक शारीरिक प्रक्रिया है और इसे लेकर किसी भी प्रकार की झिझक या शर्म महसूस नहीं करनी चाहिए। उन्होंने बालिकाओं को व्यक्तिगत स्वच्छता के प्रति विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी।
उन्होंने सेनेटरी पैड का सुरक्षित उपयोग, प्रत्येक 4 से 6 घंटे में पैड बदलने, पैड बदलने से पहले और बाद में साबुन से हाथ धोने तथा इस्तेमाल किए गए पैड को कागज में लपेटकर सुरक्षित तरीके से डस्टबिन में डालने की जानकारी दी।
कार्यक्रम में बालिकाओं को माहवारी के दौरान संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेने की सलाह दी गई। हरी सब्जियां, ताजे फल, दूध एवं आयरन युक्त खाद्य पदार्थों को भोजन में शामिल करने तथा पर्याप्त मात्रा में पानी पीने के महत्व के बारे में बताया गया। साथ ही पर्याप्त नींद लेने और नियमित योग को दिनचर्या का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया गया।
बालिकाओं को बताया गया कि माहवारी के दौरान स्वच्छता की अनदेखी करने से संक्रमण एवं अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो सकती हैं। इसलिए स्वच्छता संबंधी आदतों को नियमित जीवनशैली का हिस्सा बनाना आवश्यक है।

कार्यक्रम को संवादात्मक बनाने के लिए बालिकाओं के साथ प्रश्नोत्तरी का आयोजन भी किया गया। छात्राओं ने माहवारी, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से संबंधित सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों एवं कार्यक्रम से जुड़े कार्मिकों ने समाधान किया। इससे बालिकाओं को अपनी जिज्ञासाओं और समस्याओं को खुलकर सामने रखने का अवसर मिला।
प्रियंका व्यास ने बालिकाओं को महिला एवं बालिका सुरक्षा से जुड़ी 181 हेल्पलाइन, महिला गरिमा हेल्पलाइन 1090 तथा राजकॉप सिटीजन एप के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने जरूरत पड़ने पर उपलब्ध सहायता एवं परामर्श सेवाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान हर घर तिरंगा अभियान के तहत अनिता चौहान ने बालिकाओं को राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने तिरंगे के तीनों रंगों और अशोक चक्र के महत्व को समझाते हुए राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने का संदेश दिया।
उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रत्येक नागरिक को अपने घर पर सम्मानपूर्वक तिरंगा फहराने, राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता एवं देशभक्ति की भावना को मजबूत करने तथा राष्ट्रीय ध्वज संहिता का पालन करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में विद्यालय की प्रधानाचार्य श्रीमती रसाली सहित विद्यालय के शिक्षक एवं अन्य कार्मिक मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं को “माहवारी कोई शर्म की बात नहीं, यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है” का संदेश देते हुए स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया गया।



