google.com, pub-3021598506696014, DIRECT, f08c47fec0942fa0
Paliदेशब्रेकिंग न्यूज़राजस्थानराज्य

जाडन के ओम आश्रम में DRA अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का भव्य शुभारंभ, जैव विविधता और योग से सतत विकास पर हुआ मंथन

पाली : जिले के जाडन स्थित ओम आश्रम में बुधवार को मरु अनुसंधान संघ (DRA) के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का भव्य शुभारंभ हुआ। मरु अनुसंधान संघ (DRA) मुख्यालय जोधपुर, श्री परमहंस स्वामी माधवानंद महाविद्यालय जाडन, श्री विश्वगुरु गुरुकुल महेश्वरानंद आश्रम तथा विश्वगुरु दीप आश्रम शोध संस्थान जाडन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन में जैव विविधता, योग विज्ञान, पर्यावरण संरक्षण और समाज कल्याण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।

सम्मेलन की थीम “वैश्विक सततता के लिए जैव विविधता, योग विज्ञान और समाज कल्याण का आध्यात्मिक एकीकरण: एक अंतर-अनुशासनात्मक दृष्टिकोण” रखी गई है। सम्मेलन का उद्देश्य विभिन्न शैक्षणिक विषयों, आध्यात्मिक परंपराओं और सामाजिक सरोकारों को एक मंच पर लाकर वैश्विक सतत विकास के लिए नए विचारों और शोध संभावनाओं को प्रोत्साहित करना है। इसमें देश-विदेश के विशेषज्ञ, शिक्षाविद् और शोधार्थी हाइब्रिड मोड के माध्यम से सहभागिता कर रहे हैं।

सम्मेलन का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ। कार्यक्रम में विश्वगुरु महामंडलेश्वर परमहंस स्वामी महेश्वरानंद जी महाराज का परम सानिध्य रहा। उनके साथ उत्तराधिकारी महामंडलेश्वर स्वामी अवतारपुरी जी, महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानेश्वरपुरी जी तथा महामंडलेश्वर स्वामी फूलपुरी जी महाराज का भी पावन सानिध्य प्राप्त हुआ।

कार्यक्रम में उपस्थित संतों और अतिथियों ने सम्मेलन के विषय की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए प्रकृति, मानव जीवन, योग और सामाजिक कल्याण के बीच संतुलन स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया। सम्मेलन में आध्यात्मिक दृष्टिकोण के साथ वैज्ञानिक अनुसंधान और पर्यावरणीय चुनौतियों पर विचार-विमर्श को महत्वपूर्ण बताया गया।

सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय, उदयपुर के कुलपति प्रो. कैलाश डागा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। राज ऋषि भर्तृहरि मत्स्य विश्वविद्यालय, अलवर के कुलपति प्रो. रमन दवे ने सम्मानित अतिथि के रूप में सहभागिता की।

कार्यक्रम की अध्यक्षता मरु अनुसंधान संघ (DRA) के अध्यक्ष एवं डॉ. बी.आर. अम्बेडकर राजकीय महाविद्यालय, श्रीगंगानगर के भूगोल विभागाध्यक्ष प्रो. श्याम एस. खिंची ने की। विशिष्ट अतिथियों में जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर के डीन प्रो. ए. एल. मीणा तथा कॉलेज शिक्षा, जोधपुर संभाग के सहायक निदेशक प्रो. बलवीर चौधरी शामिल रहे।

अतिथियों की उपस्थिति ने सम्मेलन के शैक्षणिक और शोधपरक महत्व को रेखांकित किया। कार्यक्रम में जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन और समाज के कल्याण के लिए विभिन्न विषयों के बीच समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता पर चर्चा हुई।

सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए। ल्यूब्लियाना विश्वविद्यालय, स्लोवेनिया की प्रो. डॉ. माजा जुर्क ने जैव विविधता विषय पर व्याख्यान देते हुए इस क्षेत्र के महत्व पर प्रकाश डाला।

वहीं, गोवा के प्रसिद्ध पर्यावरणविद् श्री राजेन्द्र पांडुरंग केरकर ने योग और पर्यावरण संरक्षण के संबंध में अपने विचार रखे। उनके संबोधन में सम्मेलन की मुख्य थीम से जुड़े पर्यावरणीय सरोकारों और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी जैसे विषय प्रमुख रहे।

अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के संबोधन से प्रतिभागियों को जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों को व्यापक परिप्रेक्ष्य में समझने का अवसर मिला। सम्मेलन में विभिन्न शैक्षणिक विषयों के माध्यम से वैश्विक चुनौतियों के समाधान तलाशने पर विशेष जोर दिया गया।

सम्मेलन की प्रमुख विशेषता जैव विविधता, योग विज्ञान और समाज कल्याण को आध्यात्मिक दृष्टिकोण के साथ जोड़कर देखने की पहल है। वर्तमान समय में पर्यावरणीय असंतुलन, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और सतत विकास से जुड़े मुद्दे वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण बने हुए हैं। ऐसे में वैज्ञानिक शोध, सामाजिक सहभागिता और आध्यात्मिक विचारों के बीच संवाद को उपयोगी माना जा रहा है।

सम्मेलन के माध्यम से इन विषयों पर विचारों के आदान-प्रदान और शोधपरक चर्चा के लिए मंच उपलब्ध कराया गया है। इसमें विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों और शोधार्थियों की सहभागिता से अंतर-अनुशासनात्मक अध्ययन को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

सम्मेलन निदेशक डॉ. श्रवण कुमार और संयोजक डॉ. सुरेश गर्ग ने बताया कि DRA अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन हाइब्रिड मोड में आयोजित किया जा रहा है। इसमें देश-विदेश के सैकड़ों शोधार्थी भाग ले रहे हैं। इस व्यवस्था के माध्यम से प्रतिभागियों को प्रत्यक्ष और ऑनलाइन दोनों माध्यमों से सम्मेलन से जुड़ने का अवसर मिल रहा है।

कार्यक्रम का मंच संचालन जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर के इतिहास विभाग के सहायक आचार्य डॉ. ललित पंवार ने किया। आयोजन से जुड़े संस्थानों और पदाधिकारियों ने सम्मेलन को शोध, ज्ञान-विनिमय और पर्यावरणीय जागरूकता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

जाडन स्थित ओम आश्रम में आयोजित यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन जैव विविधता संरक्षण, योग विज्ञान, आध्यात्मिक चिंतन और समाज कल्याण जैसे विषयों पर अकादमिक संवाद को आगे बढ़ाने का प्रयास है। सम्मेलन में देश-विदेश के विशेषज्ञों और शोधार्थियों की भागीदारी से इन क्षेत्रों में नए विचारों और शोध संभावनाओं पर चर्चा का अवसर मिल रहा है।

Rajasthan Today

Related Articles

Back to top button