पाली में 400 विद्यार्थियों ने लिया शाकाहार का महत्व जानने में हिस्सा, पोस्टकार्ड प्रतियोगिता के 20 विजेता सम्मानित

पाली : विश्व शाकाहार दिवस के अवसर पर भारतीय जैन संघटना (बीजेएस), पाली चैप्टर की ओर से शाकाहार, पौष्टिक भोजन और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। बीजेएस के बास्केट प्रोग्राम ‘निर्वाण नॉश’ के तहत अपना घर आश्रम में प्रभुजनों के लिए सामूहिक सात्विक एवं पौष्टिक भोजन की व्यवस्था की गई। इसके बाद भारतीय जैन संघटना, पाली चैप्टर और अनोखी देवी डागा पब्लिक स्कूल के संयुक्त तत्वावधान में विद्यालय परिसर में ‘शाकाहार—एक संवाद’ विषय पर जागरूकता कार्यशाला आयोजित हुई।
कार्यक्रम में विद्यालय की प्रिंसिपल, शिक्षकगण, बीजेएस के पदाधिकारियों एवं सदस्यों सहित करीब 400 विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यशाला में विद्यार्थियों को शाकाहार के महत्व, संतुलित आहार के स्वास्थ्य लाभ और सात्विक जीवनशैली के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही जीवों के प्रति करुणा, संवेदनशीलता और अहिंसा की भावना अपनाने का संदेश दिया गया।
विश्व शाकाहार दिवस के अवसर पर बीजेएस पाली चैप्टर ने सेवा गतिविधि के तहत अपना घर आश्रम में प्रभुजनों के लिए सामूहिक सात्विक एवं पौष्टिक भोजन की व्यवस्था की। इस पहल के माध्यम से सेवा, संवेदना और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया।
संघटना की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में शाकाहार को केवल भोजन की पद्धति तक सीमित न रखते हुए करुणा, अहिंसा और जीवों के प्रति संवेदनशीलता से जोड़ने का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम संयोजक गौरव सालेचा ने बताया कि जागरूकता कार्यशाला की शुरुआत मंगलाचरण के साथ हुई। इसके बाद बीजेएस पाली चैप्टर के अध्यक्ष अमरचंद बोहरा ने अध्यक्षीय उद्बोधन दिया। उन्होंने कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को शाकाहार और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।
विद्यालय की प्रिंसिपल डॉ. नीता सोनी ने अपने संबोधन में शाकाहार के महत्व को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों को खान-पान की अच्छी आदतें विकसित करने और स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया।
कार्यशाला के मुख्य वक्ता जिला आयुर्वेदिक अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. शिव कुमार शर्मा रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को शाकाहार के स्वास्थ्य संबंधी लाभों की जानकारी दी।
डॉ. शर्मा ने बताया कि संतुलित एवं पौष्टिक शाकाहारी भोजन शरीर को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बच्चों को कम उम्र से ही संतुलित आहार की आदत विकसित करनी चाहिए, ताकि उनका शारीरिक विकास बेहतर हो और वे स्वस्थ जीवनशैली अपना सकें।
उन्होंने विद्यार्थियों को अपने दैनिक भोजन में पौष्टिकता और संतुलन का ध्यान रखने के लिए प्रेरित किया। कार्यशाला के दौरान शाकाहार से जुड़े स्वास्थ्य संबंधी पहलुओं को सरल भाषा में समझाया गया, जिससे विद्यार्थी विषय को आसानी से समझ सकें।
कार्यशाला का प्रमुख आकर्षण ‘शाकाहार—एक संवाद’ सत्र रहा। इसमें विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों से शाकाहार, पौष्टिक भोजन और स्वस्थ जीवनशैली से संबंधित रोचक एवं ज्ञानवर्धक प्रश्न पूछे। विद्यार्थियों ने भी अपनी जिज्ञासाओं के अनुरूप सवाल किए, जिनका विशेषज्ञों ने सरल और सहज भाषा में उत्तर दिया।
संवादात्मक तरीके से आयोजित इस सत्र के माध्यम से विद्यार्थियों को शाकाहार के महत्व को समझने और अपनी शंकाओं का समाधान प्राप्त करने का अवसर मिला। कार्यक्रम में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी ने कार्यशाला को रोचक और ज्ञानवर्धक बनाया।
कार्यक्रम के अंतर्गत पोस्टकार्ड प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें लगभग 180 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता के माध्यम से विषय के प्रति रुचि दिखाई।
प्रतियोगिता में से 20 सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागियों का चयन कर उन्हें अतिथियों द्वारा पुरस्कृत किया गया। पुरस्कार वितरण के माध्यम से विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया गया और उन्हें रचनात्मक गतिविधियों में आगे भी भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अतिथियों, बीजेएस सदस्यों, विद्यालय के सहयोगियों और विद्यार्थियों को जीवन में शाकाहार अपनाने का सामूहिक संकल्प भी दिलाया गया। वक्ताओं ने कहा कि संतुलित भोजन और स्वस्थ आदतों के साथ जीवों के प्रति करुणा एवं संवेदनशीलता की भावना विकसित करना भी महत्वपूर्ण है।
आयोजकों के अनुसार, इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को जागरूक बनाना और उनमें स्वास्थ्य, अहिंसा तथा मानवीय मूल्यों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना है।
कार्यक्रम का मंच संचालन संयोजक जितेंद्र कोठारी, सपना छाजेड़ एवं लवकेश कोठारी ने किया। अंत में भारतीय जैन संघटना, पाली चैप्टर के सचिव बसंत सोनी मंडिया ने अतिथियों, विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकगण, विद्यार्थियों और कार्यक्रम में सहयोग देने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर डागा स्कूल के ट्रस्टी रतन धारीवाल, बीजेएस स्टेट सेक्रेटरी रितु मेहता, संभागीय अध्यक्ष रमेश चंद्र बरडिया, राजू सर (एमटीपी), अनीता तलेसरा, चिराग कोठारी, मुमुक्षु कोठारी, सनी चौरडिया, शालू मेहता सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
विश्व शाकाहार दिवस पर आयोजित इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को पौष्टिक भोजन, संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व से परिचित कराया गया। साथ ही शाकाहार को करुणा, अहिंसा और जीवों के प्रति संवेदनशीलता से जोड़ते हुए दैनिक जीवन में अच्छे मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा दी गई।



