गर्मी में रेल यात्रियों को राहत, 18 हजार से ज्यादा स्पेशल ट्रेनें चलाएगा रेलवे, तैयारियों की समीक्षा

नई दिल्ली : ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान बढ़ती यात्री भीड़ को देखते हुए भारतीय रेलवे ने इस बार बड़े स्तर पर तैयारियां की हैं। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को नई दिल्ली में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेनों की प्रगति की समीक्षा की और यात्रियों को सुगम यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
रेलवे द्वारा 15 अप्रैल से 15 जुलाई 2026 तक के पीक ट्रैवल सीजन में कुल 18,262 ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेनें चलाने की योजना बनाई गई है। इनमें से अब तक 11,878 ट्रेनों की अधिसूचना जारी की जा चुकी है, जबकि शेष ट्रेनों की घोषणा भी जल्द की जाएगी।
रेलवे का उद्देश्य अधिक मांग वाले रूट्स और कॉरिडोर पर अतिरिक्त ट्रेनों के जरिए भीड़भाड़ कम करना और यात्रियों की आवाजाही को आसान बनाना है। इसके लिए बेहतर रैक उपलब्धता, अनुकूल टाइम टेबल और लगातार मॉनिटरिंग पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
उत्तर पश्चिम रेलवे की बात करें तो यहां वर्तमान में 90 स्पेशल ट्रेनें संचालित की जा रही हैं, जिनकी कुल 628 ट्रिप तय की गई हैं। यात्री भार के अनुसार आगे भी नई ट्रेनों का संचालन किया जाएगा।
नई दिल्ली, मुंबई (एलटीटी, सीएसएमटी, पुणे), सूरत (उधना), अहमदाबाद और बेंगलुरु जैसे प्रमुख स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं। उधना स्टेशन पर रियल टाइम भीड़ नियंत्रण, बेहतर ग्राउंड सपोर्ट और कुशल संचालन के जरिए यात्रियों को सुरक्षित और सहज यात्रा का अनुभव दिया जा रहा है।
विशेष रूप से अपने गृह नगर जाने वाले यात्रियों के लिए बोर्डिंग प्रक्रिया को सरल और व्यवस्थित बनाया गया है। ट्रेन संख्या 19045 उधना-थावे ताप्ती गंगा एक्सप्रेस में आरपीएफ कर्मियों ने यात्रियों को सुरक्षित तरीके से चढ़ाने और बैठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि गर्मी के इस व्यस्त सीजन में यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और सुगमता सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए हर स्तर पर सक्रिय योजना और त्वरित संचालन सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि यात्रियों को बिना परेशानी के बेहतर यात्रा अनुभव मिल सके।



