पाली में शिक्षकों का मंथन, ब्लॉक स्तरीय वाकपीठ का आगाज़, शिक्षा सुधार पर गहन चर्चा

पाली : श्रीमती चीमबाई संचेती राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, पैकेज कॉलोनी में सोमवार को पाली ब्लॉक स्तरीय सत्रारंभ वाकपीठ का शुभारंभ हुआ। इस आयोजन में माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक स्तर के निजी और सरकारी विद्यालयों के संस्था प्रधानों ने भाग लेकर शिक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर मंथन किया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में प्रधानाचार्य एवं वाकपीठ अध्यक्ष राधेश्याम सोनी ने वाकपीठ की महत्ता बताते हुए इसे विचार-विमर्श और अभिव्यक्ति का सशक्त मंच बताया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व विधायक ज्ञानचंद पारख तथा अध्यक्ष के रूप में पूर्व सभापति महेंद्र बोहरा उपस्थित रहे। पारख ने ‘वोकल फॉर लोकल’ और स्वदेशी सामग्री के उपयोग पर जोर देते हुए आत्मनिर्भर भारत के महत्व को रेखांकित किया। वहीं महेंद्र बोहरा ने देश निर्माण में शिक्षकों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

वाकपीठ में डॉ. भेराराम प्रजापत, अनुराग चतुर्वेदी, हितेश रामावत, दिनेश त्रिवेदी और रतन सिंह सहित वक्ताओं ने अपने विचार रखे और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के सुझाव दिए।
इस अवसर पर सेवानिवृत्त एवं सेवानिवृत्ति के निकट पहुंचे प्रधानाचार्यों—रीता परिहार, सरोज अग्रवाल, राधेश्याम सोनी, सोहन सिंह राजपुरोहित और राणाराम कुमावत का माला एवं अभिनंदन पत्र देकर सम्मान किया गया।
कार्यक्रम में सचिव शिवराम, बसंत परिहार, यजुवेंद्र खेमलानी, जयपाल, रविंद्र सिंह, मोहन भाटी, विजय शर्मा, शंकरलाल सोनी, नीतू जालवाल, अल्का भाटी, गीता गुप्ता, कनीजा बानो, दलपत रांकावत, धर्मेंद्र पलारिया, दिनेश लड्डा, रतन बरूपाल, लेखनी शर्मा, संजीव शर्मा सहित पाली ब्लॉक के कई संस्था प्रधान मौजूद रहे।
वाकपीठ के माध्यम से शिक्षकों ने शिक्षा की गुणवत्ता सुधार, नवाचार और समन्वय को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए, जिससे आने वाले सत्र में बेहतर परिणाम की उम्मीद जताई गई।



