विश्व मलेरिया दिवस पर पाली में अलर्ट, अस्पतालों में जागरूकता अभियान, घर-घर दी गई बचाव की सीख

पाली : विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर जिलेभर में स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक जागरूकता अभियान चलाकर आमजन को सतर्क किया। जिले के सभी सरकारी चिकित्सा संस्थानों में मरीजों और उनके परिजनों को मलेरिया के लक्षण, बचाव और समय पर जांच के महत्व के बारे में जानकारी दी गई।
सीएमएचओ डॉ. विकास मारवाल ने बताया कि इस वर्ष की थीम “मलेरिया को समाप्त करने का दृढ़ संकल्प: अब हम कर सकते हैं, अब हमें करना ही होगा” रखी गई है। उन्होंने कहा कि मलेरिया एक मच्छरजनित बीमारी है, जिससे जागरूकता और सावधानी के जरिए प्रभावी रूप से बचाव संभव है।
इस मौके पर पाली, रोहट, बाली और सुमेरपुर ब्लॉकों में विशेष बैठकें आयोजित की गईं। पाली व रोहट में आरसीएचओ डॉ. विजेंद्रपाल सिंह चुंडावत और एनएचएम डीपीएम भवानी सिंह की मौजूदगी में बैठक हुई, जबकि बाली में डिप्टी सीएमएचओ डॉ. वेदांत गर्ग की अध्यक्षता में कार्यक्रम आयोजित किया गया।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि बुखार, ठंड लगना, पसीना आना, सिरदर्द और शरीर में दर्द मलेरिया के प्रमुख लक्षण हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराने की सलाह दी गई। साथ ही मच्छरों से बचाव के लिए पानी जमा नहीं होने देना, मच्छरदानी का उपयोग, पूरी बांह के कपड़े पहनना और कूलर-टंकी की नियमित सफाई करने पर जोर दिया गया।
अस्पतालों में ओपीडी काउंटर पर पंपलेट वितरण, पोस्टर, प्रतीक्षालय में संदेश प्रसारण और स्वास्थ्य शिक्षा सत्र आयोजित किए गए। आशा, एएनएम और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर भी लोगों को जागरूक किया।
इसके अलावा जिले में जागरूकता रैलियां, ग्राम स्तरीय बैठकें, स्कूलों में स्वास्थ्य शिक्षा कार्यक्रम और संदिग्ध मरीजों की जांच जैसी गतिविधियां भी संचालित की गईं।
सीएमएचओ ने आमजन से अपील की कि बुखार होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर निःशुल्क जांच कराएं और मलेरिया उन्मूलन अभियान में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी से ही इस बीमारी पर पूरी तरह नियंत्रण पाया जा सकता है।



