पाली में टीबी पर बड़ा वार, 100 दिन का विशेष अभियान शुरू, AI तकनीक से होगी जल्द पहचान
मुफ्त जांच-इलाज के साथ मरीजों को हर माह ₹1000 पोषण सहायता, कलेक्टर ने जनभागीदारी की अपील की

पाली : जिले में टीबी उन्मूलन को लेकर जिला प्रशासन ने अभियान तेज कर दिया है। भारत सरकार और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों के तहत “टीबी मुक्त भारत अभियान” के अंतर्गत 100 दिवसीय विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य रोग की शीघ्र पहचान, निःशुल्क उपचार और व्यापक जन-जागरूकता सुनिश्चित करना है।
जिला कलेक्टर ने बताया कि टीबी एक संक्रामक बीमारी है, लेकिन समय पर जांच और उपचार से इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। उन्होंने आमजन को जागरूक करते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी, बुखार, वजन कम होना, रात में पसीना आना, बलगम में खून या सीने में दर्द जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच करवानी चाहिए।
जिले में टीबी जांच को आसान और प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। खासतौर पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से युक्त हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन के जरिए रोग की त्वरित पहचान की जा रही है, जिससे समय रहते मरीजों का उपचार शुरू हो सके।
कलेक्टर ने बताया कि जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में टीबी की जांच और इलाज पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध है। इसके अलावा, टीबी मरीजों को उपचार के दौरान सरकार की ओर से हर माह ₹1000 की पोषण सहायता भी दी जा रही है, ताकि मरीज जल्दी स्वस्थ हो सकें।
उन्होंने ग्राम पंचायतों, स्वयं सहायता समूहों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में टीबी के प्रति जागरूकता फैलाएं और संभावित मरीजों को जांच व इलाज के लिए प्रेरित करें।
जिला कलेक्टर ने आमजन से भी आह्वान किया कि वे इस जन-अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं और पाली जिले को टीबी मुक्त बनाने में सहयोग करें।



