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पाली में नृसिंह जयंती पर अनोखी परंपरा, एमटीपी स्कूल में ‘मलूका’ के माध्यम से बच्चों को सुनाई प्रह्लाद-हिरण्यकश्यप की कथा

पाली : भगवान नृसिंह जयंती के अवसर पर पाली शहर में शुक्रवार को पारंपरिक ‘मलूका’ परंपरा के माध्यम से बच्चों को धार्मिक और पौराणिक ज्ञान से जोड़ने का अनूठा प्रयास किया गया। एमटीपी स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में भगवान नृसिंह के अवतार और भक्त प्रह्लाद की कथा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम के तहत ‘मलूका’ (हिरण्यकश्यप का प्रतीक) का रूप धारण कर तरुण बोराणा और गौरव शर्मा को विद्यालय परिसर में बुलाया गया। चंदू सर और रमेश सोलंकी के निर्देशन में बच्चों को हिरण्यकश्यप और भक्त प्रह्लाद की पौराणिक कथा सुनाई गई तथा भगवान नृसिंह के अवतार की महिमा समझाई गई।

विद्यालय परिसर में ‘मलूका’ को देखकर छात्र-छात्राओं में खासा उत्साह देखने को मिला। पारंपरिक अंदाज में ‘मलूका’ ने बच्चों पर सोटे (डंडे) बरसाते हुए आशीर्वाद भी दिया, जिसे बच्चे उत्साह और श्रद्धा के साथ स्वीकार करते नजर आए।

चंदू सोनी ने बताया कि नृसिंह जयंती के अवसर पर ‘मलूका’ की यह परंपरा 151 साल से अधिक पुरानी है। पाली के सोमनाथ मंदिर क्षेत्र में हर वर्ष इस परंपरा के तहत मेला आयोजित होता है, जहां ‘मलूका’ बने युवक काले वस्त्र धारण कर पारंपरिक तरीके से इस आयोजन को निभाते हैं।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की प्रिंसिपल सोनाली भाटी ने आयोजन में सहयोग देने वाली टीम—नरेश सोलंकी, विनोद बोकड़िया सहित सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया।

इस आयोजन के माध्यम से बच्चों को भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और पौराणिक कथाओं से जोड़ने का सार्थक प्रयास किया गया, जिसे विद्यालय परिवार और अभिभावकों ने सराहा।

Rajasthan Today

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