जिला कारागृह और बाल गृहों का औचक निरीक्षण, बंदियों से सीधे संवाद, व्यवस्थाओं को लेकर दिए अहम निर्देश

पाली : राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पाली के सचिव एवं अपर जिला न्यायाधीश विक्रम सिंह भाटी ने मंगलवार को जिला कारागृह पाली, राजकीय सम्प्रेषण एवं किशोर गृह तथा राजकीय शिशु गृह का आकस्मिक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान बंदियों और बालकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनी गईं तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

जिला कारागृह पाली के निरीक्षण के दौरान 105 बंदी निरुद्ध पाए गए। सचिव भाटी ने बंदियों से भोजन, चिकित्सा सुविधा, पेयजल, साफ-सफाई और अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं को लेकर जानकारी ली। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि कोई भी बंदी आर्थिक अभाव के कारण कानूनी सहायता से वंचित न रहे। बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं की जानकारी देते हुए उनके मामलों की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया गया।
निरीक्षण के दौरान उन बंदियों की जानकारी भी ली गई जिनकी जमानत होने के बावजूद वे अब तक जेल में निरुद्ध हैं। साथ ही नवागंतुक बंदियों से बातचीत कर घटना के समय उनकी आयु और प्रकरण से जुड़ी जानकारियां प्राप्त की गईं।

इसके बाद सचिव भाटी ने राजकीय सम्प्रेषण एवं किशोर गृह तथा शिशु गृह का निरीक्षण कर वहां की साफ-सफाई, भोजन, चिकित्सा, कपड़े, बिस्तर और बच्चों के रहने की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। बालकों से बातचीत कर अध्ययन, खेलकूद और परिवारजनों से मुलाकात से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी ली गई।
निरीक्षण में पाया गया कि बालकों के लिए केरम, सांप-सीढ़ी और लूडो जैसे इंडोर गेम्स उपलब्ध हैं। सचिव भाटी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गृहों में बच्चों के लिए मैत्रीपूर्ण वातावरण बनाए रखा जाए तथा नियमित साफ-सफाई और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाए। निरीक्षण के दौरान जेल प्रशासन, चिकित्सा अधिकारी, न्यायमित्र और समन्वयक सहित विभिन्न अधिकारी मौजूद रहे।




