पाली में शिक्षकों का जोरदार प्रदर्शन, मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ हुंकार, आंदोलन तेज करने की चेतावनी

पाली : अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) के आह्वान पर पाली में गुरुवार को शिक्षकों ने अपनी लंबित एवं ज्वलंत समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। पाली उपखंड कार्यालय के बाहर हुए इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शिक्षकों ने भाग लेकर सरकार और शिक्षा विभाग के खिलाफ नाराजगी जाहिर की और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन का नेतृत्व पाली खंड अध्यक्ष नरेश सैन एवं खंड मंत्री अजय पाल सिंह ने किया। इस दौरान शिक्षकों ने एकजुटता का परिचय देते हुए अपनी मांगों को लेकर बुलंद आवाज उठाई। जिला मंत्री ओमप्रकाश कुमावत ने बताया कि ज्ञापन में ग्रीष्मकालीन अवकाश में कटौती को वापस लेने, तृतीय श्रेणी सहित सभी संवर्गों के स्थानांतरण शुरू करने, वर्षों से लंबित पदोन्नति प्रक्रिया पूरी करने और क्रमोन्नत विद्यालयों में पदों की वित्तीय स्वीकृति जारी करने की प्रमुख मांगें शामिल हैं।

इसके अलावा शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने, आरजीएचएस योजना को सुचारू रखने, वेतन विसंगतियों को दूर करने और संविदा शिक्षकों को नियमित करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। शिक्षकों ने शिक्षा विभाग में व्याप्त अव्यवस्थाओं को समाप्त कर शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
कुमावत ने कहा कि प्रदेशभर के शिक्षकों में लगातार बढ़ते आक्रोश के बावजूद सरकार और विभागीय अधिकारियों द्वारा समस्याओं के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो संगठन द्वारा जिला एवं राज्य स्तर पर व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान पूर्व खंड अध्यक्ष भगवान सिंह, शैलेंद्र सिंह, कोषाध्यक्ष भीखाराम, जगपाल सिंह, शक्ति सिंह, प्रद्युम्न सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे। अंत में सभी शिक्षकों ने एकजुट होकर अपने अधिकारों की रक्षा और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए निरंतर संघर्ष करने का संकल्प लिया।



