अरावली की पहाड़ियों में पहुंची मदद, मां बाड़ी केंद्र के बच्चों को मिले कपड़े, जूते और जरूरी सामग्री

पाली/बाली : दुर्गम पहाड़ियों के बीच बसे बाली क्षेत्र के पनेतरा गांव स्थित मां बाड़ी केंद्र लम्बा पिपला बारा फली में उस समय खुशी का माहौल बन गया, जब पाली महिला सुरक्षा सहयोगी समिति की टीम बच्चों के बीच सेवा सामग्री लेकर पहुंची। समिति द्वारा विद्यार्थियों को नए कपड़े, जूते, पानी की बोतलें, जूस, केले, बिस्किट सहित अन्य जरूरी सामग्री वितरित की गई। बच्चों के चेहरों पर मुस्कान और उत्साह देखते ही बन रहा था।

समिति की सचिव अचला शर्मा ने बताया कि अरावली की पहाड़ियों के बीच स्थित इस केंद्र तक मूलभूत सुविधाएं आसानी से नहीं पहुंच पाती हैं। ऐसे में जरूरतमंद बच्चों की सहायता के उद्देश्य से समिति ने यह सेवा अभियान चलाया। उन्होंने कहा कि बच्चों को छोटी-छोटी सुविधाएं उपलब्ध करवाकर उनके जीवन में खुशियां लाना ही इस पहल का मुख्य उद्देश्य है।
समिति के संस्थापक कुलदीप पंवार ने कहा कि समाज के सक्षम लोगों और भामाशाहों को ऐसे दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचकर बच्चों की मदद करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना भी बेहद जरूरी है, ताकि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्र के बच्चे बेहतर भविष्य की ओर बढ़ सकें।

कार्यक्रम के दौरान समिति सदस्यों ने बच्चों के साथ समय बिताया और उन्हें शिक्षा के प्रति प्रेरित किया। इस अवसर पर अजय जोशी, वीणा चौहान, कल्पेश भाटी, मालती शर्मा, जगदीश सोनी, राजवर्धन वैष्णव, कपिल वैष्णव, विनिता राव, नीतू गुर्जर और प्राजन्य ओझा सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को सफल बनाने में कार्यालय स्वच्छ परियोजना आबू रोड, सिरोही के अंतर्गत संचालित मां बाड़ी केंद्र के शिक्षा सहयोगी किशोर कुमार का विशेष सहयोग रहा। स्थानीय ग्रामीणों ने समिति की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि पहाड़ी और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों तक इस प्रकार सहायता पहुंचाना प्रेरणादायक और समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश है।




