पाली : उद्योग जगत और प्रशासन साथ आए, टेक्सटाइल-गारमेंट से लेकर जल संरक्षण तक विकास की बनी रणनीति

पाली : पाली जिले के औद्योगिक विकास, नए निवेश और उद्योगों की समस्याओं के समाधान को लेकर जिला कलेक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी की अध्यक्षता में टेक्सटाइल, गारमेंट, ग्रेनाइट एवं अन्य औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़े उद्योगपतियों और औद्योगिक संघों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले को नए औद्योगिक अवसरों के साथ विकास की नई दिशा देने पर मंथन हुआ।
जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र के संयुक्त आयुक्त सैययद रज्जाक अली ने बताया कि बैठक में मौजूदा औद्योगिक गतिविधियों को मजबूत करने के साथ गारमेंट सेक्टर, हैंडीक्राफ्ट, पर्यटन, रक्षा उपकरण और एग्रो इंडस्ट्रीज जैसे नए क्षेत्रों में निवेश एवं उद्योग स्थापना की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में “वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान” और मुख्यमंत्री जल स्वालंबन अभियान 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विशेष जोर दिया गया। जिला कलेक्टर ने उद्योगपतियों, भामाशाहों और दानदाताओं से जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की अपील करते हुए कहा कि उद्योग जगत गांवों में जल संचय एवं संरक्षण के कार्यों में अहम भूमिका निभा सकता है।
उन्होंने उपस्थित उद्यमियों से कहा कि वे अपने आसपास के गांवों में जल संरक्षण से जुड़े कार्य स्वयं करवाएं या मुख्यमंत्री जल स्वालंबन अभियान 2.0 समिति के राज्य स्तरीय खाते में आर्थिक सहयोग प्रदान करें। इस पर विभिन्न औद्योगिक संगठनों और उद्योगपतियों ने गांवों में जल संरक्षण कार्य करवाने और अभियान में आर्थिक सहयोग देने का भरोसा दिलाया।

बैठक में “आओ गांव चलो अभियान” के तहत प्रवासी पालीवासियों, उद्योगपतियों और भामाशाहों को गांवों के विकास से जोड़ने की पहल पर भी चर्चा हुई। जिला कलेक्टर ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, आंगनबाड़ी, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में उद्योग जगत का छोटा सहयोग भी गांवों की तस्वीर बदल सकता है और आने वाली पीढ़ियों को नई दिशा दे सकता है।
बैठक में लघु उद्योग भारती राजस्थान के संयुक्त महामंत्री विनय जैन, सीईटीपी अध्यक्ष अशोक लोढ़ा, सचिव एस.पी. चौपड़ा, मंडिया रोड एसोसिएशन अध्यक्ष राकेश अखावत, ग्रेनाइट एसोसिएशन सचिव नितेश सरार्फ सहित कई प्रमुख उद्योगपति एवं औद्योगिक संघों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।



