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पाली : एएनएम प्रशिक्षणार्थियों को मिला विशेषज्ञों का मार्गदर्शन, आपातकालीन चिकित्सा और मातृ स्वास्थ्य सेवाओं का दिया व्यावहारिक प्रशिक्षण

पाली : स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाने और भविष्य की नर्सिंग कार्यबल को अधिक सक्षम बनाने की दिशा में राजकीय बांगड़ चिकित्सालय परिसर स्थित एएनएम प्रशिक्षण केंद्र में विशेष जागरूकता एवं प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। इस दौरान राजकीय मेडिकल कॉलेज, पाली के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने लगभग 90 प्रशिक्षणार्थियों को आपातकालीन चिकित्सा, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा प्राथमिक उपचार से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विकास मारवाल ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य एएनएम प्रशिक्षणार्थियों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखकर उन्हें वास्तविक परिस्थितियों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए तैयार करना है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में एएनएम स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी होती हैं, इसलिए उनका तकनीकी रूप से दक्ष और संवेदनशील होना आवश्यक है।

कार्यक्रम में अस्थिरोग विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. महेन्द्र जोरवाल ने दुर्घटना एवं अन्य आपातकालीन स्थितियों में घायल मरीजों को दी जाने वाली प्राथमिक चिकित्सा, मरीज की स्थिति का प्रारंभिक आकलन तथा समय रहते प्रभावी उपचार शुरू करने के तरीकों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी भी दुर्घटना के बाद शुरुआती कुछ मिनट मरीज की जान बचाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं और प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी इस दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

स्त्रीरोग विभाग के वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. शिवचरण मीणा ने गर्भवती महिलाओं और प्रसूताओं को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षणार्थियों को मार्गदर्शन दिया। उन्होंने गर्भावस्था के दौरान होने वाली जटिलताओं, प्रसवकालीन आपात स्थितियों और समय पर रेफरल की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा की।

डॉ. मीणा ने बताया कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने में प्रशिक्षित एएनएम की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। सही समय पर पहचान, प्राथमिक उपचार और उचित परामर्श से कई गंभीर परिस्थितियों को रोका जा सकता है।

एएनएम प्रशिक्षण केंद्र के प्रधानाचार्य के.सी. सैनी ने बताया कि प्रशिक्षणार्थियों के ज्ञान और कौशल को विकसित करने के लिए मेडिकल कॉलेज के विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सकों के सहयोग से नियमित रूप से ऐसे जागरूकता और प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे। इससे प्रशिक्षणार्थियों को व्यवहारिक अनुभव मिलेगा और वे भविष्य में अधिक प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर सकेंगे।

उन्होंने कहा कि विभाग का लक्ष्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि ऐसे कुशल और आत्मविश्वासी स्वास्थ्यकर्मी तैयार करना है जो ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बना सकें।

सत्र के दौरान प्रशिक्षणार्थियों ने स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञ चिकित्सकों से सवाल पूछे। चिकित्सकों ने उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए व्यावहारिक अनुभवों और उदाहरणों के माध्यम से विषयों को सरल तरीके से समझाया।

कार्यक्रम में प्रशिक्षण केंद्र के प्रशिक्षक भूपेन्द्र कुमार, दिनेश कुमार, रेखा चौधरी एवं महेन्द्र कुमार भी उपस्थित रहे। अंत में प्रधानाचार्य के.सी. सैनी ने दोनों विशेषज्ञ चिकित्सकों का स्वागत कर आभार व्यक्त किया तथा उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

Rajasthan Today

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