सरगरा समाज का शिक्षा मिशन बना मिसाल, निर्माणाधीन छात्रावास का निरीक्षण, जरूरतमंद छात्रा को मौके पर मिली ₹27 हजार की सहायता

पाली। शिक्षा के क्षेत्र में सरगरा समाज लगातार नई मिसालें कायम कर रहा है। एक ओर समाज द्वारा आधुनिक छात्रावास का निर्माण कराया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर जरूरतमंद और प्रतिभावान विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता भी उपलब्ध करवाई जा रही है। इसी कड़ी में शनिवार को सरगरा एज्युकेशन सोसायटी के पदाधिकारियों ने निर्माणाधीन छात्रावास का निरीक्षण किया और वहां चल रहे विकास कार्यों की सराहना की।
समिति के कोषाध्यक्ष मनोहरलाल बालवंशी के अनुरोध पर सरगरा एज्युकेशन सोसायटी के अध्यक्ष डी.आर. सागर के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने छात्रावास भवन का दौरा किया। इस दौरान निर्माण पूर्ण हो चुके कमरों का अवलोकन कर कार्य की गुणवत्ता और प्रगति पर संतोष व्यक्त किया गया।
निरीक्षण के दौरान एक प्रेरणादायक घटना भी सामने आई। बीएड की पढ़ाई कर रही एक जरूरतमंद एवं प्रतिभावान छात्रा की फीस जमा कराने के संबंध में फोन आने पर सोसायटी के पदाधिकारियों ने तत्काल संवेदनशीलता दिखाते हुए मौके पर ही 27 हजार रुपये की फीस सहायता स्वीकृत की। छात्रा की शिक्षा बाधित न हो, इसके लिए राशि का चेक जारी कर आर्थिक सहयोग प्रदान किया गया।
इस अवसर पर सरगरा एज्युकेशन सोसायटी के अध्यक्ष डी.आर. सागर ने कहा कि सरगरा समाज शिक्षा समिति द्वारा निर्माणाधीन छात्रावास समाज की भावी पीढ़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण धरोहर साबित होगा। यह छात्रावास विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराएगा और शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा।
सोसायटी के सचिव कन्हैयालाल चौहान ने बताया कि संस्था लंबे समय से समाज के जरूरतमंद और मेधावी विद्यार्थियों को बिना ब्याज शिक्षा सहायता उपलब्ध करवा रही है। आने वाले समय में संस्था शैक्षणिक सेमिनार, करियर काउंसलिंग और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन कार्यक्रम भी आयोजित करेगी, ताकि समाज का कोई भी विद्यार्थी शिक्षा से वंचित न रहे।
कोषाध्यक्ष प्रदीप कुमार कच्छवाह ने बताया कि संस्था द्वारा अब तक अनेक विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। सभी सहायता राशि संबंधित शिक्षण संस्थानों के नाम से चेक के माध्यम से पारदर्शी तरीके से जारी की जाती है। संस्था विद्यार्थियों की निजता और सम्मान को ध्यान में रखते हुए उनकी तस्वीरें सार्वजनिक नहीं करती, जबकि समस्त वित्तीय रिकॉर्ड और ऑडिट व्यवस्थित रूप से संधारित किए जाते हैं।
कार्यक्रम के दौरान बद्रीलाल चौहान, दौलतराम देवड़ा, केवलचंद पंवार, विनोद कच्छवाह (गांधीधाम), जितेंद्र कच्छवाह और अशोक कच्छवाह सहित समाज के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने समाज की दोनों संस्थाओं द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए इसे समाज के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।



