‘आओ गांव चलें’ अभियान की बड़ी सफलता, धामली स्कूल के विकास के लिए प्रवासी भामाशाहों ने की करीब एक करोड़ रुपए की घोषणाएं

पाली : जिला कलक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी की पहल पर शुरू किए गए “आओ गांव चलें” अभियान को लगातार जनसमर्थन मिल रहा है। इस अभियान के माध्यम से देशभर में बसे प्रवासी पालीवासी अपनी मातृभूमि और पैतृक गांवों से जुड़कर शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। अभियान की इसी कड़ी में मारवाड़ जंक्शन ब्लॉक के धामली गांव में स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के विकास के लिए प्रवासी भामाशाहों ने करीब एक करोड़ रुपए के विकास कार्यों की घोषणाएं कर नई मिसाल पेश की है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य राजेन्द्र कुमार राखेचा की प्रेरणा और प्रयासों से आयोजित कार्यक्रम में देश के विभिन्न शहरों में रह रहे प्रवासी भामाशाहों ने विद्यालय के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए खुलकर सहयोग का संकल्प लिया। इस दौरान विद्यालय के लिए कक्षा-कक्षों के जीर्णोद्धार, मुख्य द्वार निर्माण, सरस्वती मंदिर, हॉल, प्याऊ, कम्प्यूटर, वाटर कूलर और अन्य आवश्यक सुविधाओं की घोषणाएं की गईं।
मुम्बई निवासी तेजराज ओस्तवाल ने विद्यालय परिसर में सरस्वती मंदिर निर्माण के लिए 3 लाख रुपए की घोषणा की। वहीं सूरत निवासी चम्पालाल घांची ने 16 लाख रुपए की लागत से विद्यालय का भव्य मुख्य द्वार और चारदीवारी निर्माण करवाने का संकल्प लिया।

पुणे निवासी राकेश ओझा ने 8 लाख रुपए की लागत से विद्यालय के हॉल और प्याऊ के जीर्णोद्धार की घोषणा की। इसके अलावा पुणे, चेन्नई, अहमदाबाद और धामली के कई प्रवासी एवं स्थानीय भामाशाहों ने विद्यालय के कक्षा-कक्षों के नवीनीकरण के लिए लाखों रुपए के सहयोग की घोषणा की।
अहमदाबाद निवासी हरिराम सीरवी ने 6 लाख रुपए की लागत से दो कक्षा-कक्षों के जीर्णोद्धार का दायित्व लिया। वहीं कई दानदाताओं ने एक-एक कक्षा-कक्ष के नवीनीकरण के लिए 3-3 लाख रुपए देने की घोषणा की।
विद्यालय में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए भी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं हुईं। वाटर कूलर, कम्प्यूटर सेट, ऑफिस चेयर, टीनशेड, इन्वर्टर, वाटर हट और मरम्मत कार्यों के लिए अलग-अलग भामाशाहों ने आर्थिक सहयोग देने का संकल्प लिया। विद्यालय स्टाफ ने भी 21 हजार रुपए की लागत से 21 ट्री गार्ड उपलब्ध कराने की घोषणा कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
“आओ गांव चलें” अभियान के तहत धामली में हुई ये घोषणाएं ग्रामीण शिक्षा के क्षेत्र में जनभागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आई हैं। विद्यालय परिसर में प्रस्तावित विकास कार्य पूरे होने के बाद विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण, आधुनिक सुविधाएं और आधारभूत संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे।
जिला प्रशासन का मानना है कि प्रवासी पालीवासियों और भामाशाहों के सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी विद्यालयों की तस्वीर बदल रही है। इससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और विद्यार्थियों को बेहतर अवसर मिलेंगे।
जिला कलक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी की पहल से शुरू हुआ “आओ गांव चलें” अभियान आज जिलेभर में विकास का जनआंदोलन बनता जा रहा है, जिसमें प्रवासीजन अपने गांवों की प्रगति के लिए बढ़-चढ़कर भागीदारी निभा रहे हैं।



