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मरुस्थलीकरण रोकने की मुहिम तेज, पाली जिले में जल संरक्षण और हरित विकास के लिए हुए विशेष कार्यक्रम

पाली : बढ़ते मरुस्थलीकरण और जल संकट की चुनौतियों से निपटने के लिए पाली जिले में बुधवार को विश्व मरुस्थलीकरण एवं सूखा रोकथाम दिवस व्यापक स्तर पर मनाया गया। वाटरशेड मैनेजमेंट डिवीजन एवं भू-संसाधन विभाग के निर्देशन में जिले के पाली, रोहट, सोजत और देसूरी ब्लॉकों में विभिन्न जनजागरूकता एवं विकासात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भूमि क्षरण को रोकना, जल संरक्षण को बढ़ावा देना तथा सतत प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन के प्रति आमजन को जागरूक करना रहा।

जलग्रहण विकास एवं भू-संरक्षण विभाग के अधीक्षण अभियंता भेरूसिंह राजपुरोहित ने बताया कि वाटरशेड डेवलपमेंट कंपोनेंट (WDC) और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY 2.0) के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में वर्षा आधारित क्षेत्रों के विकास और सूखा प्रभावित इलाकों में जल संरक्षण की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न ब्लॉकों में दो टांका निर्माण कार्यों तथा एक वाटर हार्वेस्टिंग संरचना का विधिवत भूमि पूजन किया गया। इन परियोजनाओं के पूरा होने से वर्षा जल संचयन को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता बेहतर हो सकेगी।

इसके साथ ही विभाग द्वारा पूर्ण किए जा चुके विकास कार्यों का लोकार्पण भी किया गया। अधिकारियों ने बताया कि इन परियोजनाओं का उद्देश्य जल संरक्षण के साथ-साथ कृषि उत्पादन बढ़ाना और ग्रामीण क्षेत्रों में प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करना है।

पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक ब्लॉक में 25-25 पौधों का पौधारोपण किया गया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, विभागीय अधिकारियों, किसानों और लाभार्थियों ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। विशेषज्ञों ने बताया कि पौधारोपण से न केवल हरित आवरण बढ़ेगा बल्कि भूमि कटाव को रोकने और भूजल संरक्षण में भी सहायता मिलेगी।

कार्यक्रम में जल संरक्षण, भूमि प्रबंधन, पर्यावरण संतुलन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर विस्तार से चर्चा की गई। ग्रामीणों को बताया गया कि यदि समय रहते जल और भूमि संसाधनों का संरक्षण नहीं किया गया तो भविष्य में सूखा और मरुस्थलीकरण जैसी समस्याएं और गंभीर रूप ले सकती हैं।

अधिकारियों ने जनभागीदारी को इस अभियान की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं के साथ आमजन का सहयोग ही जल संकट और भूमि क्षरण की समस्या का स्थायी समाधान बन सकता है।

विभागीय अधिकारियों ने कहा कि विश्व मरुस्थलीकरण एवं सूखा रोकथाम दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि प्राकृतिक संसाधनों को बचाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित पर्यावरण तैयार करने का संकल्प है। पाली जिले में चल रही जलग्रहण विकास परियोजनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण, हरित विकास और सतत कृषि व्यवस्था को नई मजबूती प्रदान कर रही हैं।

Rajasthan Today

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