जिला कारागृह पाली का आकस्मिक निरीक्षण, बंदियों से संवाद कर जानी व्यवस्थाओं की हकीकत

पाली : राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पाली के सचिव एवं अपर जिला न्यायाधीश विक्रम सिंह भाटी ने मंगलवार को जिला कारागृह पाली का आकस्मिक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कारागृह में 94 विचाराधीन एवं एक सजायाफ्ता बंदी निरुद्ध पाया गया।
निरीक्षण के दौरान सचिव भाटी ने बंदियों से सीधे संवाद कर कारागृह में उपलब्ध भोजन, पेयजल, चिकित्सा सुविधा, स्वच्छता एवं अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने बंदियों की समस्याएं सुनीं और आवश्यकतानुसार संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश भी दिए।

सचिव भाटी ने बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता योजना की जानकारी देते हुए बताया कि कोई भी बंदी केवल आर्थिक अभाव के कारण कानूनी सहायता से वंचित नहीं रहेगा। उन्होंने ऐसे बंदियों की जानकारी भी ली, जो निजी अधिवक्ता करने में असमर्थ हैं या जिनकी जमानत होने के बावजूद वे जेल में निरुद्ध हैं।
इस दौरान बंदियों को उनके प्रकरणों की वर्तमान स्थिति से भी अवगत कराया गया। वहीं सजायाफ्ता बंदी को उच्च न्यायालय में अपील करने के लिए उपलब्ध कानूनी प्रावधानों एवं निःशुल्क विधिक सहायता संबंधी जानकारी दी गई।

सचिव भाटी ने नवागंतुक बंदियों से भी बातचीत की तथा घटना अथवा आरोपित अपराध के समय उनकी आयु के संबंध में जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के दौरान यह जानकारी दी गई कि सभी बंदियों की नियमित रूप से ओपीडी के माध्यम से स्वास्थ्य जांच की जाती है तथा आपातकालीन स्थिति में उन्हें राजकीय बांगड़ चिकित्सालय, पाली रेफर किया जाता है।
निरीक्षण के दौरान कारापाल जोराराम, जेल डिस्पेंसरी के चिकित्सक डॉ. एम.एल. सालोदिया, चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल मानसिंह आशिया, जेल विजिटिंग लॉयर अल्ताफ हुसैन तथा अधिकार मित्र मांगीलाल तंवर सहित अन्य अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।



