कंकू विजय कॉलेज में डीएलएड सत्र का आगाज, भविष्य के शिक्षकों को दिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और नैतिक मूल्यों के संस्कार

पाली : शहर के प्रतिष्ठित कंकू विजय कॉलेज ऑफ एजुकेशन में शुक्रवार से डीएलएड (बीएसटीसी) के नए शैक्षणिक सत्र की औपचारिक शुरुआत उत्साहपूर्ण माहौल में हुई। पहले ही दिन महाविद्यालय परिसर नए विद्यार्थियों की ऊर्जा, उमंग और भविष्य में आदर्श शिक्षक बनने के संकल्प से सराबोर नजर आया।
नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत एवं मार्गदर्शन के लिए आयोजित ओरिएंटेशन कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था के निदेशक डॉ. अभिषेक जैन, प्राचार्य डॉ. करण सैन एवं डॉ. अंजना अरोड़ा ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि प्राथमिक शिक्षा किसी भी राष्ट्र की मजबूत नींव होती है और एक सक्षम शिक्षक ही समाज के भविष्य का निर्माण करता है। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के प्रति समर्पण, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।
निदेशक डॉ. अभिषेक जैन, प्राचार्य डॉ. करण सैन एवं डॉ. अंजना अरोड़ा ने कहा कि शिक्षक प्रशिक्षण केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, धैर्य, नेतृत्व क्षमता और बच्चों के साथ प्रभावी संवाद स्थापित करने की कला विकसित करना भी उतना ही आवश्यक है। महाविद्यालय का उद्देश्य प्रशिक्षुओं को गुणवत्तापूर्ण, व्यवहारिक एवं आधुनिक शिक्षक शिक्षा उपलब्ध कराना है।
ओरिएंटेशन के दौरान विद्यार्थियों को दो वर्षीय डीएलएड पाठ्यक्रम की रूपरेखा, परीक्षा प्रणाली, महाविद्यालय के नियमों एवं अनुशासन की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही बाल मनोविज्ञान, शिक्षण कौशल, कक्षा प्रबंधन और आधुनिक शिक्षण तकनीकों के महत्व पर विस्तार से मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
महाविद्यालय प्रशासन ने बताया कि आगामी सप्ताह से नियमित सैद्धांतिक कक्षाओं के साथ माइक्रो-टीचिंग, प्रायोगिक गतिविधियां और विद्यालयी प्रशिक्षण भी शुरू किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को वास्तविक शिक्षण वातावरण का व्यावहारिक अनुभव मिल सके।
कार्यक्रम में व्याख्याता दिनेश बाबल, प्रवीण, नेमीचंद, प्रदीप और प्रीति सहित महाविद्यालय का समस्त शिक्षण स्टाफ मौजूद रहा। नए शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ के साथ कॉलेज परिसर एक बार फिर विद्यार्थियों की चहल-पहल, नई ऊर्जा और सकारात्मक वातावरण से जीवंत हो उठा। महाविद्यालय प्रशासन ने विश्वास जताया कि यह सत्र विद्यार्थियों के लिए सीखने, व्यक्तित्व विकास और उत्कृष्ट शिक्षक बनने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।



