पाली जेल और मानसिक पुनर्वास गृह का औचक निरीक्षण, बंदियों और विशेष बच्चों की सुविधाओं की परखी हकीकत

पाली : राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) पाली के सचिव एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश विक्रम सिंह भाटी ने गुरुवार को रिद्धी सिद्धी सेवा संस्थान, रामासिया द्वारा संचालित मानसिक विमंदित पुनर्वास गृह तथा जिला कारागृह पाली का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पुनर्वास गृह में विशेष बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं और जिला कारागृह में बंदियों के अधिकारों एवं मूलभूत व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की।
सचिव विक्रम सिंह भाटी ने पुनर्वास गृह में भोजन, पेयजल, चिकित्सा, सुरक्षा, पुनर्वास प्रक्रिया तथा अभिलेखों के संधारण संबंधी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। संस्थान की केयरटेकर निकी सागर ने बताया कि यहां मानसिक रूप से विशेष बच्चों को निःशुल्क आवास, पौष्टिक भोजन, शिक्षा, योग एवं पुनर्वास संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।

निरीक्षण के दौरान सचिव ने बच्चों के पुनर्वास की प्रक्रिया की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि प्रत्येक बच्चे तक सभी सुविधाओं की सहज पहुंच सुनिश्चित की जाए। साथ ही समय-समय पर चिकित्सकीय जांच, बच्चों की रुचि के अनुरूप गतिविधियों का आयोजन तथा मौसम के अनुरूप समुचित व्यवस्थाएं बनाए रखने के निर्देश भी दिए।
इसके बाद सचिव भाटी ने जिला कारागृह पाली का निरीक्षण किया, जहां 83 बंदी निरुद्ध पाए गए। उन्होंने बंदियों से सीधे संवाद कर भोजन, पेयजल, चिकित्सा सुविधाओं, स्वच्छता और अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि आर्थिक रूप से कमजोर कोई भी बंदी केवल अधिवक्ता के अभाव में न्याय से वंचित न रहे। उन्होंने सभी बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी दी और जिन बंदियों की जमानत होने के बावजूद वे जेल में निरुद्ध हैं, उनके मामलों की भी जानकारी ली।

सचिव भाटी ने बंदियों से उनके प्रकरणों की स्थिति, व्यक्तिगत समस्याओं तथा नवागंतुक बंदियों से घटना के समय उनकी आयु संबंधी जानकारी भी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक बंदी के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए तथा विधिक सहायता समय पर उपलब्ध कराई जाए।
कारागृह प्रशासन ने बताया कि सभी बंदियों का नियमित ओपीडी के दौरान स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है तथा किसी भी आपात स्थिति में उन्हें तत्काल राजकीय बांगड़ चिकित्सालय रेफर किया जाता है।
निरीक्षण के अंत में सचिव विक्रम सिंह भाटी ने पुनर्वास गृह और जिला कारागृह दोनों स्थानों पर स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं, सुरक्षा व्यवस्था और मानवीय दृष्टिकोण के साथ सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर देते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कारापाल जोराराम, उपकारापाल नरेश, जेल विजिटिंग लॉयर विनीता प्रजापत सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।




