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नेत्रदान से किसी की जिंदगी में लौट सकती है रोशनी, पाली में जागरूकता का संदेश

पाली : किसी व्यक्ति के जीवन का सबसे बड़ा दान यदि किसी दूसरे व्यक्ति के जीवन में रोशनी लौटाने का माध्यम बन जाए तो इससे बड़ा मानव सेवा का कार्य क्या हो सकता है। इसी भावना को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से मंगलवार को पाली में राष्ट्रीय नेत्रदान एवं देहदान पखवाड़े के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

आई बैंक सोसायटी ऑफ राजस्थान, पाली चैप्टर एवं तेरापंथ युवक परिषद के संयुक्त तत्वावधान में यह कार्यक्रम जैन श्वेतांबर तेरापंथी भवन, मंडिया रोड पर आयोजित हुआ। कार्यक्रम में नेत्रदान की आवश्यकता, इसके महत्व और समाज में जागरूकता बढ़ाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने आमजन से मृत्यु के बाद नेत्रदान का संकल्प लेकर किसी जरूरतमंद के जीवन में रोशनी लाने की अपील की।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ नेत्र चिकित्सक डॉ. मिथुन वाडेकर ने नेत्रदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश में अंधता की समस्या लगातार चिंता का विषय बनी हुई है। ऐसे में अधिक से अधिक लोगों को नेत्रदान के लिए प्रेरित करना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि नेत्रदान के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ने से जरूरतमंद लोगों को नई रोशनी मिलने की संभावना बढ़ेगी। उन्होंने उपस्थित लोगों से स्वयं नेत्रदान का संकल्प लेने के साथ अपने परिवार और परिचितों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में आई बैंक सोसायटी ऑफ राजस्थान पाली चैप्टर के अध्यक्ष केवलचंद कवाड़ ने नेत्रदान से जुड़ी विभिन्न जानकारियां साझा कीं। उन्होंने बताया कि नेत्रदान केवल एक व्यक्ति का संकल्प नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी और मानव सेवा की भावना का प्रतीक है।

उपाध्यक्ष श्रीमती आशा मूंदड़ा ने भी उपस्थित लोगों को वर्तमान समय में नेत्रदान की आवश्यकता को सरल शब्दों में समझाया। उन्होंने कहा कि समाज में नेत्रदान को लेकर कई तरह की भ्रांतियां हैं, जिन्हें जागरूकता के माध्यम से दूर करने की आवश्यकता है। कार्यक्रम में वक्ताओं ने लोगों से अपील की कि वे नेत्रदान को लेकर आगे आएं और अपने परिवार के सदस्यों को भी इसके महत्व की जानकारी दें।

आई बैंक सोसायटी ऑफ राजस्थान पाली चैप्टर के संरक्षक डॉ. आर.के. गर्ग सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी नेत्रदान एवं देहदान को मानव सेवा से जोड़ते हुए लोगों को इसके लिए प्रेरित किया।

वक्ताओं ने कहा कि चिकित्सा विज्ञान की प्रगति के साथ अंगदान, नेत्रदान और देहदान की उपयोगिता और बढ़ गई है। देहदान मेडिकल विद्यार्थियों और चिकित्सा क्षेत्र में अध्ययन के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है, जबकि नेत्रदान किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन में रोशनी लाने का माध्यम बन सकता है।

कार्यक्रम में तेरापंथ महिला मंडल की सदस्य विनीता बेगानी एवं सरोज मरलेचा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने समाज में नेत्रदान को लेकर जागरूकता बढ़ाने और अधिक से अधिक लोगों को इस पुनीत कार्य से जोड़ने पर जोर दिया। कार्यक्रम में आई बैंक सोसायटी ऑफ राजस्थान पाली चैप्टर के पदाधिकारियों एवं तेरापंथ युवक परिषद के कार्यकर्ताओं ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि वरिष्ठ नेत्र चिकित्सक डॉ. मिथुन वाडेकर, आई बैंक सोसायटी ऑफ राजस्थान के संरक्षक डॉ. आर.के. गर्ग, अध्यक्ष केवलचंद कवाड़, उपाध्यक्ष श्रीमती आशा मूंदड़ा, सचिव भंवरलाल सेमलानी, मीडिया प्रभारी रोशन नाहर, कार्यकारिणी सदस्य पंकज मूंदड़ा एवं कन्हैयालाल परिहार मौजूद रहे।

इसके अलावा तेरापंथ भवन के डूंगरचंद चोपड़ा, सज्जनराज बांठिया, महावीर चोपड़ा, किरणराज खांटेड, कंवरलाल चोपड़ा, चांदमल संकलेचा सहित तेरापंथ युवक परिषद के रितेश संकलेचा, राहुल गोलेच्छा, सुरेश सेठिया, निलेश मेहता, अरिहंत सुंदेचा, नवीन चोरड़िया, सुधीर गादिया, वरुण चोपड़ा, नवनीत पींचा सहित शहर के कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में तेरापंथ युवक परिषद की ओर से सभी अतिथियों एवं उपस्थितजनों का आभार व्यक्त किया गया।

Rajasthan Today

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