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500 से अधिक श्रावक-श्राविकाओं को नेत्रदान का संदेश, संतों ने कहा- किसी की दुनिया रोशन करने से बड़ा दान नहीं

पाली : आई बैंक सोसायटी ऑफ राजस्थान, पाली चैप्टर की ओर से रविवार को श्री स्थानकवासी जैन श्रावक संघ, रूई कटला में ‘नेत्रदान महादान राष्ट्रीय पखवाड़ा’ के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने भाग लिया। इस दौरान उपस्थित लोगों को नेत्रदान के महत्व, इसकी प्रक्रिया और समाज में इसकी आवश्यकता के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में करीब 500 से 600 श्रावक-श्राविकाओं की मौजूदगी रही। आई बैंक सोसायटी ऑफ राजस्थान पाली चैप्टर के पदाधिकारियों ने लोगों को बताया कि नेत्रदान के माध्यम से मृत्यु के बाद भी किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन में रोशनी लाई जा सकती है। लोगों से नेत्रदान को लेकर व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने और अधिक से अधिक लोगों को इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया गया।

कार्यक्रम में श्रमण संघीय वरिष्ठ प्रवर्तक शासन गौरव करुणा सागर संत शिरोमणि पूज्य गुरुदेव श्री सुकनमलजी म.सा. तथा डॉ. डी.लिट् मुनि श्री वरुण मुनिजी म.सा. ने भी उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं को संबोधित किया।

संतों ने समाज में नेत्रदान की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मानव जीवन में सेवा और परोपकार का विशेष महत्व है। नेत्रदान ऐसा पुण्य कार्य है, जिसके माध्यम से व्यक्ति अपने जाने के बाद भी किसी दूसरे व्यक्ति के जीवन में उजाला लाने का माध्यम बन सकता है।

उन्होंने उपस्थित लोगों से नेत्रदान के प्रति जागरूक होने तथा अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। साथ ही इच्छुक लोगों से नेत्रदान के संकल्प पत्र भरने की अपील की गई।

आई बैंक सोसायटी ऑफ राजस्थान पाली चैप्टर के अध्यक्ष केवलचंद कवाड़ एवं सचिव भंवरलाल सेमलानी ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आमजन को नेत्रदान के प्रति जागरूक करना और इसकी प्रक्रिया के बारे में सही जानकारी उपलब्ध करवाना था।

उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान श्रावक-श्राविकाओं को नेत्रदान से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई। लोगों को बताया गया कि नेत्रदान को लेकर समाज में कई तरह की भ्रांतियां हैं, जिन्हें जागरूकता के माध्यम से दूर किया जा सकता है।

कार्यक्रम के दौरान श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ एवं श्री संघ सभा के अध्यक्ष सज्जनराज गुलेच्छा सहित प्रकाश कटारिया, मनमोहन गांधी, नेमीचंद सालेचा, नरेन्द्र पंच, सम्पतराज तातेड़, हुक्मीचंद संचेती, पारसमल बोहरा आदि ने भी उपस्थित लोगों से नेत्रदान के लिए आगे आने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाकर समाज में सेवा और मानवता की भावना को मजबूत किया जा सकता है। अधिक से अधिक लोगों को नेत्रदान का संकल्प लेकर दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए।

कार्यक्रम में आई बैंक सोसायटी ऑफ राजस्थान पाली चैप्टर के अध्यक्ष केवलचंद कवाड़, सचिव भंवरलाल सेमलानी, संरक्षक डी.डी. शर्मा, उपाध्यक्ष पदमचंद ललवाणी, नेत्र विभागाध्यक्ष डॉ. विपुल नगर, के.सी. सैनी, विशनमल भण्डारी एवं कन्हैयालाल परिहार सहित संस्था के पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।

कार्यक्रम के दौरान संस्था के पदाधिकारियों ने नेत्रदान अभियान को जन-जन तक पहुंचाने तथा लोगों को इस पुनीत कार्य के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

कार्यक्रम में उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं को नेत्रदान के लिए संकल्प लेने हेतु प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि नेत्रदान केवल एक सामाजिक जिम्मेदारी ही नहीं, बल्कि मानव सेवा का ऐसा माध्यम है, जिससे किसी जरूरतमंद के जीवन में नई रोशनी आ सकती है।

कार्यक्रम के अंत में आई बैंक सोसायटी ऑफ राजस्थान पाली चैप्टर के सचिव भंवरलाल सेमलानी ने सभी संतों, पदाधिकारियों, श्री संघ के सदस्यों एवं उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का उद्देश्य नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और समाज में ‘नेत्रदान महादान’ का संदेश व्यापक स्तर तक पहुंचाना रहा।

Rajasthan Today

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