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पाली में बच्चों को खिलाई गई कृमिनाशक दवा, राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर जिलेभर में चला अभियान

पाली : राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर मंगलवार को पाली शहर सहित पूरे जिले में बच्चों और किशोर-किशोरियों को कृमि संक्रमण से बचाव के लिए एल्बेंडाजोल की कृमिनाशक दवा खिलाई गई। स्वास्थ्य विभाग की ओर से निर्धारित कार्यक्रम के तहत चिकित्सा संस्थानों, स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और संबंधित विभागों के समन्वय से अभियान का संचालन किया गया।

अभियान का जिला स्तरीय शुभारंभ जिला मुख्यालय स्थित पीएमश्री श्री बांगड़ राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, पाली में किया गया। यहां चिकित्सा विभाग के एडिशनल सीएमएचओ डॉ. जीतकुमार गुर्जर और विद्यालय के प्रधानाचार्य बसंत कुमार परिहार ने विद्यार्थियों को एल्बेंडाजोल की टेबलेट खिलाकर कार्यक्रम की शुरुआत की।

इस अवसर पर एडिशनल सीएमएचओ डॉ. जीतकुमार गुर्जर ने विद्यार्थियों को कृमि संक्रमण से होने वाले स्वास्थ्य संबंधी नुकसान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बच्चों में कृमि संक्रमण होने से कमजोरी, पेट दर्द, भूख में कमी और एनीमिया जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके साथ ही संक्रमण का बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

उन्होंने कहा कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार नियमित रूप से कृमिनाशक दवा का सेवन बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और पोषण में सहायक है। अभियान के दौरान निर्धारित आयु वर्ग के बच्चों और किशोर-किशोरियों को स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार एल्बेंडाजोल की खुराक दी जा रही है।

स्वास्थ्य विभाग ने अभियान के दौरान किसी कारणवश दवा लेने से वंचित रह जाने वाले बच्चों के लिए भी व्यवस्था की है। डॉ. गुर्जर ने बताया कि जो बच्चे 15 सितंबर को कृमिनाशक दवा नहीं ले पाएंगे, उन्हें 23 सितंबर को आयोजित मॉप-अप दिवस पर दवा खिलाई जाएगी।

उन्होंने अभिभावकों, शिक्षकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं और पात्र बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कृमिनाशक दवा दिलवाना सुनिश्चित करें।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों को कृमि संक्रमण से बचाव के लिए व्यक्तिगत स्वच्छता और साफ-सफाई अपनाने की सलाह दी गई। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की कि—

शौच के बाद और भोजन से पहले साबुन से हाथ जरूर धोएं।
हमेशा साफ और सुरक्षित पानी का सेवन करें।
खुले में शौच करने से बचें और शौचालय का उपयोग करें।
फल एवं सब्जियों को अच्छी तरह धोकर ही खाएं।
नाखून छोटे और साफ रखें।
बच्चों को नंगे पैर बाहर घूमने से बचाएं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कृमिनाशक दवा अवश्य लें।
जिलेभर में समन्वय के साथ हुआ अभियान

सीएमएचओ डॉ. विकास मारवाल ने बताया कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के तहत जिले में अभियान को सफल बनाने के लिए चिकित्सा विभाग ने पहले से आवश्यक तैयारियां की थीं। चिकित्सा संस्थानों, विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों तथा संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर पात्र बच्चों तक दवा पहुंचाने और उन्हें दवा खिलाने की व्यवस्था की गई।

उन्होंने कहा कि बच्चों को कृमि संक्रमण से बचाने के लिए दवा के साथ-साथ स्वच्छता संबंधी आदतों को अपनाना भी बेहद जरूरी है। सामूहिक प्रयासों से बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण स्तर में सुधार लाया जा सकता है।

पीएमश्री श्री बांगड़ राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित जिला स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम में प्रधानाचार्य बसंत कुमार परिहार, उप प्रधानाचार्य श्यामलाल दहिया, महेश कुमार व्यास, शंकर सिंह, चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रमोद काग, डीपीसी आईईसी नंदलाल शर्मा, पब्लिक हेल्थ मैनेजर अशोक भार्गव, जितेंद्र जोशी, नर्सिंग ऑफिसर रणजीत रांगी, वरुण चौहान, फार्मासिस्ट प्रवीण कुमार, एएनएम अमरीन, ममता कुमारी, रेखा कंवर सहित क्षेत्र की आशा सहयोगिनियां मौजूद रहीं।

स्वास्थ्य विभाग ने जिलेवासियों से अपील की कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान को केवल एक दिन तक सीमित न रखते हुए बच्चों में स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी अच्छी आदतों को नियमित जीवन का हिस्सा बनाया जाए। इससे कृमि संक्रमण की रोकथाम के साथ बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और समुचित विकास में भी मदद मिलेगी।

Rajasthan Today

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