पाली में महापौर की कुर्सी के लिए चुनावी रण शुरू, पहले दिन 4 दावेदारों ने लिए 6 नामांकन पत्र

पाली : नगर निगम चुनाव में 65 वार्डों के पार्षदों के परिणाम सामने आने के बाद अब पाली की सियासत का अगला बड़ा अध्याय शुरू हो गया है। महापौर की कुर्सी को लेकर चुनावी प्रक्रिया मंगलवार से शुरू हो गई। नगर निगम कार्यालय में महापौर पद के लिए लोक सूचना जारी होने के साथ ही नामांकन पत्र वितरण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई। पहले ही दिन चार दावेदारों ने कुल छह नामांकन पत्र लिए, जिससे महापौर चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है।
इसके साथ ही नवनिर्वाचित पार्षदों को मंगलवार को शपथ भी दिलाई गई। अब निगम में नई बोर्ड व्यवस्था के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ने लगी है। महापौर और उप महापौर के चुनाव के लिए निगम प्रशासन ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं।

रिटर्निंग अधिकारी नगर निगम शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि मतगणना पूरी होने के बाद मंगलवार को नगर निगम कार्यालय में महापौर पद के निर्वाचन के लिए लोक सूचना जारी की गई। इसके साथ ही अभ्यर्थियों को नाम निर्देशन पत्र उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू हुई।
पहले दिन कुल चार प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र प्राप्त किए। इनमें— राजबाला हिंगड़ — 2 नामांकन पत्र, सुमित्रा जैन — 2 नामांकन पत्र, पुष्पा — 1 नामांकन पत्र, कुसुम सोनी — 1 नामांकन पत्र इस तरह पहले दिन कुल 6 नामांकन पत्र वितरित किए गए।
महापौर पद के लिए नामांकन को लेकर अब बुधवार का दिन महत्वपूर्ण रहेगा। अभ्यर्थी दोपहर 3 बजे तक अपने नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। इसके बाद निर्वाचन कार्यक्रम के अगले चरण में नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी।
सहायक रिटर्निंग अधिकारी एवं उपखंड अधिकारी पाली विमलेन्द्र सिंह राणावत ने बताया कि नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 17 सितंबर को नामांकन पत्रों की संवीक्षा की जाएगी।
संवीक्षा के बाद अभ्यर्थियों के पास चुनावी मैदान से हटने का विकल्प भी रहेगा। 19 सितंबर को दोपहर 3 बजे तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। नाम वापसी की समय सीमा समाप्त होने के बाद चुनाव मैदान में बचे प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे। इसके बाद महापौर पद के लिए वास्तविक मुकाबले की तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी।
महापौर पद के लिए मतदान 21 सितंबर को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक कराया जाएगा। मतदान समाप्त होने के बाद इसी दिन मतगणना भी की जाएगी।

नगर निगम प्रशासन ने मतदान और मतगणना को लेकर आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। चुनाव कार्यक्रम के अनुसार महापौर पद का परिणाम आने के बाद निगम की नई राजनीतिक तस्वीर और स्पष्ट होगी।
महापौर चुनाव के अगले दिन 22 सितंबर को उप महापौर पद का चुनाव होगा। ऐसे में आने वाले कुछ दिन पाली नगर निगम की राजनीति के लिहाज से बेहद अहम माने जा रहे हैं।
पार्षदों के चुनाव परिणाम आने के बाद अब राजनीतिक दलों के लिए सबसे बड़ी चुनौती अपने समर्थक पार्षदों को एकजुट रखना और महापौर पद के लिए आवश्यक समर्थन जुटाना होगी। महापौर के साथ उप महापौर पद को लेकर भी राजनीतिक समीकरण तेजी से बदलने की संभावना है।
नगर निगम चुनाव में निर्वाचित पार्षदों को मंगलवार को शपथ भी दिलाई गई। इसके साथ ही नवनिर्वाचित पार्षदों की निगम में औपचारिक भूमिका शुरू हो गई। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद अब निगम के नए बोर्ड के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
महापौर और उप महापौर के चुनाव के बाद निगम में नई बोर्ड व्यवस्था पूरी तरह आकार लेगी। ऐसे में शपथ ग्रहण के साथ ही पार्षदों के सामने अब अपने-अपने वार्डों से जुड़े मुद्दों और निगम के विकास कार्यों को लेकर नई जिम्मेदारियां भी शुरू हो गई हैं।
पाली नगर निगम में पार्षदों का चुनाव पूरा होने के बाद अब राजनीतिक दलों और आम लोगों की निगाहें महापौर पद के चुनाव पर टिक गई हैं। नामांकन की अंतिम तारीख के बाद ही यह साफ होगा कि मैदान में कितने प्रत्याशी रहेंगे और मुकाबला किनके बीच होगा।
इसके बाद 21 सितंबर का मतदान महापौर की कुर्सी के लिए निर्णायक दिन साबित होगा। वहीं 22 सितंबर को होने वाला उप महापौर का चुनाव निगम में नए बोर्ड के गठन की प्रक्रिया को अंतिम रूप देगा।
इस दौरान विशेषाधिकारी निर्वाचन पाली चौधरी बिरजू गोपाल, उप पंजीयक प्रथम शिवजीराम बावरी, सुरेश व्यास, ललित दवे, महेन्द्र बैरवा, मीडिया प्रभारी विक्रम सिंह परिहार, युजवेन्द्र खेमलानी, गोविन्द सिंह राजपुरोहित, ताराचंद सेजू, रामलाल मानपुरा, अर्जुन सिंह, जयपाल सिंह चौहान, हिमांशु चतुर्वेदी, मोहित जोशी, शंकर जोधा, इकबाल अली, बबलू काठात, रघुवीर सिंह, पुष्पराज, प्रमोद, नरेश चौधरी, वरुण लोहाना सहित निर्वाचन से जुड़े अधिकारी एवं कार्मिक मौजूद रहे।



