गांव के मुख्य चौराहे पर खुला ट्रांसफॉर्मर बना खतरा, दो साल से शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई

पाली/रोहट : रोहट उपखंड की भाकरीवाला ग्राम पंचायत में गांव के मुख्य चौराहे पर लगा बिजली विभाग का ट्रांसफॉर्मर ग्रामीणों के लिए परेशानी और संभावित हादसे का कारण बना हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि आम चौराहे पर खुले में लगे ट्रांसफॉर्मर के आसपास सुरक्षा के लिए न तो फेंसिंग की गई है और न ही कोई अन्य पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
ग्रामीणों के अनुसार चौराहा गांव के बीचों-बीच स्थित होने के कारण यहां दिनभर लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे में खुले ट्रांसफॉर्मर के कारण किसी भी समय हादसे की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और बिजली विभाग से सुरक्षा की दृष्टि से ट्रांसफॉर्मर को आबादी क्षेत्र से बाहर शिफ्ट करने की मांग की है।
ग्रामीण भरत सिंह भाकरीवाला ने बताया कि गांव के मुख्य चौराहे पर बिजली विभाग का ट्रांसफॉर्मर काफी समय से लगा हुआ है। ट्रांसफॉर्मर के चारों ओर सुरक्षा फेंसिंग नहीं होने के कारण यह खुला पड़ा है।
चौराहे से ग्रामीणों के अलावा बच्चों और मवेशियों की भी आवाजाही रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि छोटे बच्चे आसपास खेलते हैं और मवेशी भी चौराहे के आसपास बैठे रहते हैं। ऐसे में खुले विद्युत उपकरण के कारण गंभीर हादसे की आशंका बनी हुई है।
ग्रामीणों के मुताबिक गांव के बीच बाजार क्षेत्र में ही थ्री फेस डीपी भी लगी हुई है। ट्रांसफॉर्मर के साथ डीपी के खुले में होने से सुरक्षा संबंधी चिंता और बढ़ गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि आबादी और बाजार क्षेत्र में विद्युत उपकरणों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होना जरूरी है, ताकि आमजन को किसी प्रकार का खतरा न रहे।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर पिछले दो वर्षों से लगातार शिकायतें की जा रही हैं। जिला प्रशासन, तहसीलदार और जोधपुर डिस्कॉम के अधिकारियों को भी लिखित रूप से समस्या से अवगत करवाया जा चुका है।
इसके बावजूद अब तक ट्रांसफॉर्मर को दूसरी सुरक्षित जगह पर शिफ्ट नहीं किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि किसी बड़े हादसे के बाद कार्रवाई होने के बजाय समय रहते सुरक्षा के इंतजाम किए जाने चाहिए।
ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर पाली से मामले में हस्तक्षेप कर जल्द कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों की मांग है कि जन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मुख्य चौराहे पर लगे ट्रांसफॉर्मर और थ्री फेस डीपी को गांव के बाहर सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाए।
साथ ही जब तक विद्युत उपकरणों को शिफ्ट नहीं किया जाता, तब तक उनके चारों ओर पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था और फेंसिंग करवाने की मांग भी की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव के सार्वजनिक स्थान पर खुले विद्युत उपकरण लगे होने से हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। खासकर बच्चों और मवेशियों की आवाजाही वाले स्थान पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था जरूरी है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और डिस्कॉम अधिकारियों से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके का निरीक्षण कराया जाए और आवश्यक तकनीकी कार्रवाई करते हुए ट्रांसफॉर्मर व डीपी को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाए, ताकि संभावित हादसे को समय रहते रोका जा सके।



