google.com, pub-3021598506696014, DIRECT, f08c47fec0942fa0
Paliदेशब्रेकिंग न्यूज़राजस्थानराज्य

खौड़ में 400 छात्राओं को सुरक्षा के गुर, ऑपरेशन जागृति में साइबर अपराध से लेकर महिला हेल्पलाइन तक दी जानकारी

पाली : महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, अधिकारों और कानून के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से ऑपरेशन जागृति अभियान के तहत गुरुवार को ग्राम पंचायत खौड़ स्थित आईसुखीबाई चन्दनमल लोढ़ा राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में करीब 400 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान छात्राओं को महिला सुरक्षा, साइबर अपराध, आत्मरक्षा, पॉक्सो एक्ट, आपातकालीन सेवाओं और निःशुल्क कानूनी सहायता सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का आयोजन पाली पुलिस अधीक्षक मोनिका सैन, महिला अधिकारिता विभाग एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पाली के तत्वावधान में किया गया।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से अधिकार मित्र पारस थानवी ने छात्राओं को उनकी सुरक्षा और कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के अपराध या उत्पीड़न की स्थिति में छात्राओं को डरने के बजाय तत्काल सहायता लेनी चाहिए।

उन्होंने अपराध की स्थिति में उपलब्ध कानूनी सहायता के बारे में जानकारी देते हुए निःशुल्क विधिक सहायता हेल्पलाइन, नालसा पोर्टल और लोक अदालत की कार्यप्रणाली के बारे में भी विस्तार से बताया। छात्राओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और आवश्यकता पड़ने पर कानून की मदद लेने के लिए प्रेरित किया गया।

पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान केंद्र की केंद्र प्रबंधक प्रियंका व्यास ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत किशोरियों के स्वास्थ्य, महिला सुरक्षा और साइबर जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारी दी। उन्होंने निःशुल्क आरएससीआईटी कोर्स के बारे में भी छात्राओं को अवगत कराया।

प्रियंका व्यास ने छात्राओं को सखी वन स्टॉप सेंटर की सुविधाओं के बारे में बताते हुए महिला हेल्पलाइन नंबर 181 की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जरूरत के समय महिलाएं और बालिकाएं सखी केंद्र के माध्यम से उपलब्ध विभिन्न प्रकार की सहायता एवं सेवाओं का लाभ ले सकती हैं।

उन्होंने महिला उत्पीड़न की स्थिति में तत्काल सहायता लेने, आपातकालीन पुलिस सहायता का उपयोग करने तथा इंटरनेट पर आने वाले अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने की सलाह दी।

कार्यक्रम में कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की टीम ने भी छात्राओं को महिला एवं बालिका सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी। हैड कांस्टेबल पार्वती सहित टीम की सदस्य राधा, भजना और गीता ने छात्राओं को आत्मरक्षा का अभ्यास कराया।

आत्मरक्षा के दौरान छात्राओं को विपरीत परिस्थितियों में स्वयं को सुरक्षित रखने के प्राथमिक उपाय बताए गए। इसके साथ ही उन्हें पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों के बारे में भी जागरूक किया गया।

कालिका पेट्रोलिंग टीम की ओर से छात्राओं को बढ़ते साइबर अपराधों से सावधान रहने के लिए जागरूक किया गया। छात्राओं को सोशल मीडिया और इंटरनेट का उपयोग करते समय सतर्कता बरतने, अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी संबंधित विभाग को देने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम में आपातकालीन सहायता के लिए 112, 1090, 181 और 100 जैसे महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई। साथ ही राजकोप सिटीजन ऐप के उपयोग के बारे में भी छात्राओं को बताया गया।

कार्यक्रम में छात्राओं को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान और बाल विवाह मुक्त राजस्थान के संदेश से भी अवगत कराया गया। वक्ताओं ने बाल विवाह के दुष्परिणामों की जानकारी देते हुए बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को बाल विवाह के विरुद्ध जागरूकता फैलाने का संकल्प दिलाया गया। छात्राओं ने उत्साहपूर्वक शपथ लेते हुए बाल विवाह रोकने और अपने आसपास लोगों को इसके प्रति जागरूक करने की प्रतिबद्धता जताई।

कार्यक्रम में महिला हिंसा एवं उत्पीड़न से जुड़े मामलों को लेकर भी छात्राओं को जागरूक किया गया। उन्हें बताया गया कि किसी भी प्रकार की हिंसा, छेड़छाड़, उत्पीड़न या साइबर अपराध की स्थिति में चुप रहने के बजाय उपलब्ध हेल्पलाइन और संबंधित संस्थाओं से सहायता लेनी चाहिए।

वक्ताओं ने छात्राओं को कानून और सरकारी सहायता तंत्र की जानकारी देकर आत्मविश्वास के साथ अपने अधिकारों की रक्षा करने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम का मंच संचालन मांगीलाल ने किया। विद्यालय की छात्राओं ने कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता निभाई। विद्यालय के प्रधानाचार्य महावीर सिंह राठौड़ ने सभी अतिथियों एवं विभागीय अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों से बालिकाओं को अपने अधिकारों, कानून और सुरक्षा उपायों की जानकारी मिलती है। जागरूक बालिकाएं अपने परिवार और समाज को भी अपराध एवं सामाजिक कुरीतियों से मुक्त रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

कार्यक्रम में पार्वती चारण, विमल कंवर, पूनम, विद्यालय के व्याख्याता मांगीलाल, दिलीप राज, ऋतुराज कंवर सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ मौजूद रहा। कार्यक्रम में करीब 400 बालिकाओं ने भाग लेकर महिला एवं बालिका सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी प्राप्त की।

ऑपरेशन जागृति के तहत आयोजित इस कार्यक्रम ने छात्राओं को कानून, सुरक्षा और आत्मरक्षा के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ बाल विवाह एवं साइबर अपराध जैसी चुनौतियों से सतर्क रहने का संदेश दिया।

Rajasthan Today

Related Articles

Back to top button