पाली में कंकू विजय कॉलेज ऑफ एजूकेशन में डांडिया महोत्सव की धूम, गरबा की प्रस्तुतियों पर झूमे विद्यार्थी

पाली : कंकू विजय कॉलेज ऑफ एजूकेशन में गुरुवार को डांडिया महोत्सव का आयोजन उत्साह, उमंग और भक्तिमय वातावरण के बीच किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक गरबा और डांडिया नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर समां बांध दिया। गुजराती और हिंदी फिल्मों के लोकप्रिय गीतों की धुन पर विद्यार्थियों ने ताल से ताल मिलाते हुए अपनी सांस्कृतिक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सजे विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने महाविद्यालय परिसर को सांस्कृतिक उल्लास से भर दिया।
महोत्सव के दौरान विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला। डांडिया की खनक, गरबा की लय और आकर्षक नृत्य मुद्राओं ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया। प्रस्तुतियों के दौरान दर्शकों ने तालियां बजाकर विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।
प्राचार्य डॉ. करण सैन ने बताया कि डांडिया महोत्सव का शुभारंभ मां दुर्गा की आराधना और उनके स्वरूप के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। महाविद्यालय के निदेशक अभिषेक जैन, प्राचार्य डॉ. अंजना अरोड़ा और समन्वयक दिनेश विश्नोई ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत आगाज किया।
शुभारंभ के दौरान मां दुर्गा के प्रति श्रद्धा और भक्ति का भाव दिखाई दिया। इसके बाद विद्यार्थियों ने पारंपरिक गरबा और डांडिया गीतों पर अपनी प्रस्तुतियां शुरू कीं। धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं के संगम ने आयोजन को विशेष रंग प्रदान किया।

डांडिया महोत्सव में छात्राओं ने ‘घूंघट में चांद होगा, आंचल में चांदनी’, ‘नगाड़ा संग ढोल बाजे’, ‘रोना शेर म्हारे’ और ‘पंखिड़ा तू उड़ ना जाइजे पावागढ़ रे’ जैसे लोकप्रिय गीतों पर उत्साहपूर्वक नृत्य प्रस्तुत किया।
पारंपरिक गुजराती गरबा की लय और डांडिया की खनक के साथ विद्यार्थियों की आकर्षक नृत्य मुद्राओं ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। रंग-बिरंगी पोशाकों में सजे छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय लोक संस्कृति और पारंपरिक नृत्य शैली की खूबसूरती को प्रदर्शित किया।
गीतों की धुन के साथ कदम मिलाते विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों पर दर्शकों ने खूब तालियां बजाईं। पूरे आयोजन के दौरान उत्साह और उमंग का माहौल बना रहा।
महाविद्यालय में आयोजित इस महोत्सव ने विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर दिया। गरबा और डांडिया जैसे पारंपरिक नृत्यों के माध्यम से विद्यार्थियों ने भारतीय संस्कृति, लोक परंपराओं और सामूहिक सहभागिता की झलक पेश की।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों की भागीदारी और उत्साह ने आयोजन को आकर्षक बनाया। महाविद्यालय परिसर में भक्ति और सांस्कृतिक उल्लास का वातावरण नजर आया।
डांडिया महोत्सव में प्रदीप जोशी, प्रीति परिहार, मुकेश वैष्णव, नेमीचंद, प्रवीण द्विवेदी, सूर्य प्रताप सिंह, पृथ्वी पाल सिंह और जिज्ञासु व्यास सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों का आनंद लिया और उनका उत्साहवर्धन किया।



