महिलाओं को लैंगिक समानता और साइबर अपराधों से बचाव की दी जानकारी, जागरूकता कार्यक्रम में अधिकारों पर हुई चर्चा

पाली : महिलाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा संबंधी सुविधाओं और साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से महिला प्रकोष्ठ के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान केंद्र की केंद्र प्रबंधक प्रियंका व्यास ने महिलाओं को लैंगिक समानता, महिला अधिकारों और समाज में महिलाओं की भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी। वहीं विभागीय योजनाओं और साइबर सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर भी जागरूक किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रियंका व्यास ने कहा कि महिला और पुरुष दोनों को समान अधिकार, सम्मान और अवसर मिलना आवश्यक है। शिक्षा, सामाजिक भागीदारी और आत्मनिर्भरता के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि लैंगिक समानता केवल अधिकारों तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि समाज के समग्र विकास से भी जुड़ी हुई है।
उन्होंने महिलाओं से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने, आत्मनिर्भर बनने और भेदभाव रहित समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने महिलाओं को शिक्षा और जागरूकता के माध्यम से अपनी पहचान मजबूत करने के लिए भी प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान विभाग की मनोसामाजिक परामर्शदाता ऊर्मिला ने महिला अधिकारिता विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न केंद्रों और योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान केंद्र, सखी वन स्टॉप सेंटर तथा महिला सुरक्षा सलाह केंद्र के माध्यम से महिलाओं एवं बालिकाओं को उपलब्ध करवाई जाने वाली सहायता, परामर्श और सुरक्षा संबंधी सुविधाओं के बारे में बताया।

उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर महिलाएं इन केंद्रों के माध्यम से मार्गदर्शन और सहायता प्राप्त कर सकती हैं। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध करवाना तथा कठिन परिस्थितियों में उन्हें आवश्यक सहयोग प्रदान करना है।
कार्यक्रम में जिला विधिक प्राधिकरण से मांगीलाल तंवर ने वर्तमान समय में बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक किया। उन्होंने ऑनलाइन धोखाधड़ी, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता और डिजिटल माध्यमों पर सतर्कता बरतने के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि अनजान लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध संदेशों पर भरोसा करने और अपनी निजी जानकारी साझा करने से साइबर ठगी का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में मोबाइल और इंटरनेट का उपयोग करते समय सावधानी बरतना जरूरी है। उन्होंने साइबर सुरक्षा के महत्वपूर्ण उपायों की जानकारी देते हुए नागरिकों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के लिए सतर्क रहने की अपील की।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को लैंगिक समानता, महिला अधिकारों, सुरक्षा सुविधाओं, विभागीय योजनाओं और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना रहा। वक्ताओं ने कहा कि जागरूकता और सही जानकारी के माध्यम से महिलाएं अपने अधिकारों की रक्षा करने के साथ समाज में अधिक सक्रिय एवं सशक्त भूमिका निभा सकती हैं। कार्यक्रम में महिलाओं को उपलब्ध सहायता सेवाओं की जानकारी देकर उन्हें जरूरत के समय इन सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया।



