पाली को ‘प्रताप सर्किट’ में शामिल करने की मांग तेज, मुख्यमंत्री को सौंपा गया ज्ञापन

पाली : महाराणा प्रताप की ननिहाल नगरी पाली मारवाड़ को राज्य सरकार की प्रस्तावित ‘प्रताप सर्किट’ योजना में शामिल करने की मांग अब जोर पकड़ने लगी है। इसी क्रम में महाराणा प्रताप विकास समिति के प्रतिनिधिमंडल ने जयपुर में मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा को ज्ञापन सौंपकर पाली को इस ऐतिहासिक परियोजना में शामिल करने की मांग की।
मुख्यमंत्री निवास पर मिले प्रतिनिधिमंडल में नगर परिषद पाली के पूर्व सभापति महेंद्र बोहरा, समिति अध्यक्ष एडवोकेट शैतान सिंह सोनीगरा, सचिव चम्पालाल सिसोदिया और सदस्य व पार्षद विकास बुबकिया शामिल रहे।

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप का बाल्यकाल पाली से जुड़ा रहा है, जो उनकी ननिहाल नगरी है। उनके नाना महाराव अखेराज सोनगरा और मामा मानसिंह से जुड़े कई ऐतिहासिक स्थल आज भी पाली की पहचान हैं। इन धरोहरों के संरक्षण व विकास से न केवल इतिहास सुरक्षित रहेगा, बल्कि पर्यटन की दृष्टि से भी पाली को नई पहचान मिलेगी।
उन्होंने विशेष रूप से जूनी कचहरी गढ़ (ननिहाल परिसर) के समग्र विकास की आवश्यकता पर जोर देते हुए यहां लाइट एंड साउंड शो, भव्य संग्रहालय और शोध केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। साथ ही पाली के प्रमुख संस्थानों व स्थलों का नामकरण महाराणा प्रताप और उनके परिजनों के नाम पर करने की मांग भी रखी गई।

ज्ञापन में “महाराणा प्रताप की ननिहाल स्थली पाली” के रूप में शहर के प्रवेश मार्गों पर भव्य स्वागत द्वार बनाने और शहर का सौंदर्यीकरण करने का सुझाव भी शामिल था, जिससे पाली को पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाया जा सके। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए सकारात्मक रुख अपनाया और उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया।
प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सरकार से मांग की कि पाली को प्रताप सर्किट में शामिल कर आवश्यक बजट स्वीकृत किया जाए, ताकि क्षेत्र का समग्र विकास हो सके और आने वाली पीढ़ियों को इतिहास व राष्ट्रभक्ति से प्रेरणा मिलती रहे।



