पाली के घाणेराव सीएचसी में ऑपरेशन थियेटर शुरू, पहला सीजेरियन सफल, ग्रामीणों को बड़ी राहत

पाली/घाणेराव : पाली जिले के देसूरी क्षेत्र के घाणेराव कस्बे में स्वास्थ्य सेवाओं को बड़ी मजबूती मिली है। घाणेराव स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में ऑपरेशन थियेटर शुरू होने के साथ ही पहला सफल सीजेरियन (एलएससीएस) ऑपरेशन किया गया, जिससे क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत मिली है।
जिला कलेक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी ने इसे क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि ग्रामीण इलाकों में विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं का विस्तार प्राथमिकता में है। इस सुविधा से अब स्थानीय स्तर पर सुरक्षित प्रसव संभव हो सकेगा और मरीजों को दूरस्थ अस्पतालों में नहीं जाना पड़ेगा।
सीएमएचओ डॉ. विकास मारवाल ने बताया कि घाणेराव सीएचसी में लंबे समय से स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ की कमी के कारण गर्भवती महिलाओं को जिला मुख्यालय या निजी अस्पतालों में जाना पड़ता था। करीब चार वर्षों के इंतजार के बाद विशेषज्ञ की नियुक्ति होने से ऑपरेशन थियेटर का संचालन शुरू किया गया है।
ऑपरेशन थियेटर शुरू होते ही पहला सीजेरियन सफलतापूर्वक किया गया, जिसमें मां और नवजात दोनों स्वस्थ हैं। इस सफलता में डॉ. दिनेश कुमार सीरवी (स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ), डॉ. विकास शर्मा (एनेस्थीसिया) और नर्सिंग स्टाफ गोविंद मीणा व सैफ अली की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
इस सुविधा के शुरू होने से अब घाणेराव और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को प्रसव के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा, जिससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा सुधार होगा और मृत्यु दर में कमी लाने में मदद मिलेगी।
यह स्वास्थ्य केंद्र आशा महेश हिंगड़ चेरिटेबल ट्रस्ट के सहयोग से विकसित किया गया है। ट्रस्ट द्वारा वर्ष 2018 में आधुनिक सुविधाओं से युक्त भवन राज्य सरकार को समर्पित किया गया था और वर्तमान में भी संस्थान को निरंतर सहयोग प्रदान किया जा रहा है। यहां डायलिसिस जैसी सेवाएं भी निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं।
इस उपलब्धि पर जिला कलेक्टर ने सीएमएचओ, चिकित्सा टीम और ट्रस्ट के प्रयासों की सराहना करते हुए सभी को शुभकामनाएं दी। साथ ही देसूरी बीसीएमओ डॉ. अविनाश चारण, सीएचसी प्रभारी डॉ. उम्मेदसिंह कसाना और समस्त स्टाफ के योगदान की भी प्रशंसा की गई।
यह पहल ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और आमजन को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।



