पाली जिला जेल का औचक निरीक्षण, 101 बंदी मिले, जज ने परखी सुविधाएं और दी मुफ्त कानूनी मदद की जानकारी
जिला एवं सेशन न्यायाधीश ने बंदियों से सीधा संवाद कर जानी समस्याएं, स्वास्थ्य व भोजन व्यवस्था की समीक्षा

पाली : राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर पाली जिला कारागृह का गुरुवार को औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान राजेन्द्र कुमार (जिला एवं सेशन न्यायाधीश) और ऋचा चौधरी (मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट) ने जेल पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान जेल में कुल 101 बंदी निरुद्ध पाए गए। अधिकारियों ने बंदियों से सीधे संवाद कर भोजन, पेयजल, चिकित्सा सुविधा और साफ-सफाई की स्थिति के बारे में जानकारी ली।

जिला एवं सेशन न्यायाधीश ने बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता के अधिकार के बारे में जागरूक किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी बंदी केवल अधिवक्ता के अभाव में जेल में न रहे और जरूरतमंदों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाए। साथ ही उन बंदियों की जानकारी भी ली गई, जिनकी जमानत हो चुकी है लेकिन किसी कारणवश अभी भी जेल में निरुद्ध हैं।
निरीक्षण के दौरान नवागंतुक बंदियों से भी बातचीत कर उनके मामलों और घटना के समय उनकी आयु से संबंधित जानकारी ली गई। जेल प्रशासन ने बताया कि सभी बंदियों की नियमित स्वास्थ्य जांच ओपीडी के दौरान की जाती है और आपात स्थिति में उन्हें राजकीय बांगड़ अस्पताल रेफर किया जाता है।

इस मौके पर कारापाल जोराराम, जेल चिकित्सक डॉ. एम.एल. सिलोदिया, चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल मानसिंह आशिया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। यह निरीक्षण जेल व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने तथा बंदियों के अधिकारों की सुनिश्चितता के उद्देश्य से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



