युवाओं ने बुजुर्गों और दिव्यांगों के साथ बिताया समय, पाली में 5 दिवसीय ‘एक्सपेरिएंशियल लर्निंग प्रोग्राम’ का शुभारंभ

पाली : समाज में सेवा, संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करने की दिशा में पाली में एक अनूठी पहल की शुरुआत हुई है। मेरा युवा भारत (MY Bharat) पाली एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, राजस्थान के संयुक्त तत्वावधान में मुख्यमंत्री पुनर्वास गृह स्थित दिव्यांग सेवा संस्थान में बुधवार से पांच दिवसीय ‘एक्सपेरिएंशियल लर्निंग प्रोग्राम’ का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के जीवन, संघर्षों और अनुभवों से रूबरू कराना है, ताकि उनमें सेवा और मानवीय मूल्यों के प्रति जागरूकता विकसित हो सके।
कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के जिला अधिकारी ज्योति प्रकाश अरोड़ा ने युवाओं को समाज के वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों के प्रति संवेदनशील बनने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं की सकारात्मक भागीदारी से समाज में समावेशी विकास और सामाजिक सरोकारों को नई दिशा मिल सकती है। साथ ही उन्होंने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और सेवा कार्यों की जानकारी भी दी।

दिव्यांग सेवा संस्थान के संस्थापक झालाराम देवासी ने कहा कि बुजुर्गों और दिव्यांगजनों की सेवा करना मानवता का सबसे बड़ा धर्म है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपने जीवन में सेवा और सम्मान की भावना को प्राथमिकता दें।
वहीं ‘मेरा युवा भारत’ के जिला युवा अधिकारी ने युवाओं को अपने बड़ों के अनुभवों से सीख लेने की प्रेरणा देते हुए कहा कि देश में तेजी से विकसित हो रहे जेरियाट्रिक केयर (वृद्धजन देखभाल) क्षेत्र में युवाओं के लिए रोजगार और सेवा के व्यापक अवसर मौजूद हैं।
कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने संस्थान में रह रहे वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के साथ समय बिताया, उनकी जीवन यात्रा और अनुभवों को सुना तथा आत्मीय संवाद स्थापित किया। युवाओं ने बुजुर्गों के साथ बैठकर उनके सुख-दुख साझा किए, जिससे भावनात्मक जुड़ाव का वातावरण बना।

कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण तब रहा जब युवाओं और अधिकारियों ने मिलकर संस्थान के बुजुर्गों एवं दिव्यांगजनों को सम्मानपूर्वक भोजन परोसा। युवाओं के स्नेह, सम्मान और अपनत्व से बुजुर्गों के चेहरे खिल उठे और पूरा परिसर भावनात्मक ऊर्जा से भर गया।
लेखाकार भंवर सिंह राजपुरोहित ने बताया कि यह कार्यक्रम युवाओं को सामाजिक वास्तविकताओं को समझने और सेवा कार्यों से जोड़ने का प्रभावी माध्यम साबित होगा। आने वाले दिनों में प्रतिभागी विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के जीवन से जुड़ी चुनौतियों को नजदीक से समझेंगे।
कार्यक्रम में स्वयंसेवक धनराज भाटी, भरत तोषावरा, कुसुम, तरुण कुमावत, अंजलि दवे, हिमांशु और हिमांश सहित कई युवाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई। आयोजन ने यह संदेश दिया कि पीढ़ियों के बीच संवाद और सेवा की भावना समाज को अधिक संवेदनशील और मजबूत बना सकती है।



