बच्चों की सुरक्षा को लेकर पाली में जागरूकता अभियान, ‘नो-गो-टेल’ नियम समझाया

पाली : बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों, सुरक्षा उपायों और सामाजिक-कानूनी मुद्दों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से पाली में ‘ट्रांसमिटिंग मंगलवार (परिवर्तनकारी मंगलवार)’ अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार जिले के राजकीय एवं निजी विद्यालयों में प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय मंगलवार को इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
इसी क्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पाली के सचिव एवं अपर जिला न्यायाधीश विक्रम सिंह भाटी ने नालंदा बाल निकेतन उच्च माध्यमिक विद्यालय, पाली तथा श्रीमती चेमाबाई सांघवी उच्च माध्यमिक विद्यालय, पिंक सिटी कॉलोनी में विद्यार्थियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। कार्यक्रम का मुख्य फोकस बच्चों को अपहरण, बाल तस्करी, मानव तस्करी और अन्य अपराधों से बचाव के प्रति सतर्क करना रहा।
अपर जिला न्यायाधीश विक्रम सिंह भाटी ने विद्यार्थियों को समझाया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के बहकावे में नहीं आना चाहिए। यदि कोई अजनबी कहीं साथ चलने के लिए कहे, कोई सामान देने का प्रयास करे अथवा किसी प्रकार का लालच दे तो उसे स्वीकार नहीं करना चाहिए।

उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि यदि कोई अनजान व्यक्ति उन्हें असहज महसूस कराए या संदिग्ध तरीके से संपर्क करने का प्रयास करे तो तत्काल वहां से दूर होकर सुरक्षित स्थान पर जाना चाहिए। इसके बाद माता-पिता, शिक्षक या किसी विश्वसनीय व्यक्ति को इसकी जानकारी देनी चाहिए।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बाल तस्करी, मानव तस्करी, बालश्रम, फिरौती और भिक्षावृत्ति जैसी सामाजिक बुराइयों एवं अपराधों के बारे में जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि बच्चों को बहला-फुसलाकर उनके साथ अपराध किए जाने की घटनाओं से बचने के लिए जागरूकता और सतर्कता बेहद जरूरी है।
विद्यार्थियों को संबंधित कानूनों और इन अपराधों के विरुद्ध उपलब्ध कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा गया कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को नजरअंदाज नहीं करें और समय रहते इसकी सूचना जिम्मेदार व्यक्ति या संबंधित अधिकारी को दें।
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान बच्चों के अधिकारों एवं सुरक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर संवाद किया गया। विद्यार्थियों को किशोर न्याय अधिनियम, बाल अधिकार, बाल तस्करी से संबंधित कानूनी प्रावधान, साइबर सुरक्षा और सोशल मीडिया के दुरुपयोग के बारे में भी जानकारी दी गई।
विद्यार्थियों को बताया गया कि वर्तमान डिजिटल दौर में ऑनलाइन गतिविधियों के दौरान भी सावधानी बरतना जरूरी है। किसी अनजान व्यक्ति के साथ निजी जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए और सोशल मीडिया पर होने वाली संदिग्ध या अनुचित गतिविधियों को नजरअंदाज करने के बजाय विश्वसनीय व्यक्ति को इसकी जानकारी देनी चाहिए।

कार्यक्रम में बच्चों को ‘नो-गो-टेल’ नियम अपनाने की सलाह दी गई। विद्यार्थियों को समझाया गया कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ नहीं जाना है, संदिग्ध परिस्थिति में वहां से सुरक्षित स्थान पर चले जाना है और घटना या संदेह की जानकारी किसी भरोसेमंद व्यक्ति को देनी है।
अधिकारियों ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा केवल कानून और प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें विद्यालय, अभिभावक और समाज की सामूहिक भूमिका भी महत्वपूर्ण है। बच्चों को स्वयं भी सतर्क रहना होगा और किसी भी अनुचित घटना के संबंध में चुप रहने के बजाय तत्काल आवाज उठानी होगी।
कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों की सुविधा और शिकायतों को सामने लाने के लिए विद्यालय परिसर में ‘कोर्ट वाली दीदी’ शिकायत पेटी भी स्थापित की गई। इसके माध्यम से विद्यार्थी विद्यालय अथवा अपने आवासीय स्थान से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत या समस्या प्रस्तुत कर सकेंगे।
इस पहल का उद्देश्य बच्चों को ऐसा सुरक्षित माध्यम उपलब्ध कराना है, जहां वे अपनी समस्या या शिकायत बिना झिझक सामने रख सकें। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को भरोसा दिलाया कि उनकी सुरक्षा और अधिकारों से जुड़े मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा।

जागरूकता कार्यक्रम में विद्यार्थियों से विशेष रूप से कहा गया कि यदि उनके साथ या उनके आसपास किसी बच्चे के साथ कोई अनुचित घटना होती है तो उसे छिपाएं नहीं। ऐसी स्थिति में माता-पिता, शिक्षक अथवा किसी विश्वसनीय व्यक्ति को तुरंत जानकारी दें।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि सतर्कता, जागरूकता और समय पर सूचना देना ही बच्चों को अपराधों से सुरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम में श्रीमती चेमाबाई सांघवी उच्च माध्यमिक विद्यालय की प्रधानाचार्या शोभा सोनी, नालंदा बाल निकेतन उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य विकास दूबे, व्यवस्थापक कृष्ण कुमार गोयल सहित दोनों विद्यालयों का स्टाफ एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।



